RBI ने बदल दिए ऑटो-डेबिट नियम: अब Netflix, SIP और बिल पेमेंट आसान हो जाएंगे

Amanat Ansari 22 Apr 2026 02:14: PM 2 Mins
RBI ने बदल दिए ऑटो-डेबिट नियम: अब Netflix, SIP और बिल पेमेंट आसान हो जाएंगे

नई दिल्ली: मासिक सब्सक्रिप्शन, SIP, बीमा प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड बिल और यूटिलिटी बिल भरना अब कई यूजर्स के लिए कम परेशानी भरा हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने रेकरिंग पेमेंट नियमों में बदलाव किया है. अब ₹15,000 तक के कई ऑटो-डेबिट ट्रांजेक्शन हर बार फ्रेश OTP पूछे बिना ही हो सकेंगे. सरल भाषा में समझें तो, अगर आपने एक बार ऑटोमैटिक पेमेंट को मंजूरी दे दी है, तो उसके बाद आने वाले मासिक पेमेंट तय सीमा के अंदर बिना किसी परेशानी के आसानी से हो जाएंगे.

क्या बदल गया है?

एक बार मैंडेट (अनुमति) रजिस्टर हो जाने के बाद, ₹15,000 तक के रेकरिंग पेमेंट अब हर साइकिल में नई प्रमाणिकरण (फ्रेश OTP) के बिना प्रोसेस किए जा सकेंगे. इसका मतलब है कि सब्सक्रिप्शन, SIP की किस्तें, मेंटेनेंस बिल, ब्रॉडबैंड चार्ज या यूटिलिटी बिल जैसे आम मासिक पेमेंट अब सिर्फ इसलिए फेल नहीं होंगे क्योंकि आप OTP मैसेज नहीं देख पाए. बहुत से यूजर्स के लिए यह डिजिटल पेमेंट की सबसे बड़ी परेशानी को खत्म कर देगा.

यूजर्स के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण?

बहुत सारे रेकरिंग पेमेंट छोटी-छोटी वजहों से फेल हो जाते थे. कभी OTP देर से आता था, कभी फोन में सिग्नल नहीं होता था, कभी यूजर मैसेज देख ही नहीं पाता था. कई बार लोग सोए होते थे या यात्रा पर होते थे जब पेमेंट रिक्वेस्ट आती थी.  इससे सब्सक्रिप्शन रुक जाता था, SIP की तारीख मिस हो जाती थी, बीमा पेमेंट में देरी होती थी या क्रेडिट कार्ड पर पेनल्टी लग जाती थी. RBI का यह बदलाव ठीक इन्हीं परेशानियों को कम करने के लिए किया गया है.

पहला पेमेंट अभी भी मंजूरी के साथ होगा

यह बात बहुत जरूरी है. कोई भी कंपनी अपने आप आपके अकाउंट से पैसे नहीं काट सकती. जब आप पहली बार ऑटो-पे सेट करते हैं, तब आपको OTP या किसी अन्य तरीके से उसे मंजूरी देनी होगी. सिर्फ पहली मंजूरी के बाद ही आने वाले रेकरिंग पेमेंट तय सीमा में अपने आप हो सकेंगे. इसलिए ग्राहक अभी भी पूरी तरह कंट्रोल में रहेंगे.

क्रेडिट कार्ड बिल और बीमा के लिए बड़ी राहत

RBI ने कुछ खास कैटेगरी में लिमिट बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी है. इनमें शामिल हैं- बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड SIP और क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट. इससे वे यूजर्स जिनका मासिक पेमेंट बड़ा होता है, उन्हें अब बार-बार प्रमाणिकरण की वजह से होने वाली देरी का सामना कम करना पड़ेगा. उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति अगर बड़ा बीमा प्रीमियम या बड़ा क्रेडिट कार्ड बिल भरता है तो अब उसे कम दिक्कत होगी.

आपको अलर्ट अभी भी मिलेंगे

यह नियम अलर्ट बंद नहीं करता. बैंकों को पैसे कटने से पहले प्री-डेबिट अलर्ट भेजना होगा. यानी आपको पहले से ही पता चल जाएगा कि कितना पैसा, किस मर्चेंट को और कब कटने वाला है. पेमेंट पूरा होने के बाद कन्फर्मेशन भी मिलेगा. इसलिए पेमेंट भले ही आसान हो जाए, लेकिन वे अदृश्य नहीं होंगे.

अब अपने सभी ऑटो-पे मैंडेट चेक कर लें

यह आपके सभी एक्टिव ऑटो-पे मैंडेट चेक करने का अच्छा समय है, जो आपके बैंक अकाउंट, कार्ड या UPI ऐप से जुड़े हैं. बहुत से लोग ऐसे सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे देते रहते हैं जिन्हें वे भूल चुके हैं, डुप्लिकेट सर्विस, अनुपयोगी मेंबरशिप या पुराने कार्ड जो अभी भी लिंक हैं. जैसे-जैसे ऑटो-पे आसान होता जाएगा, वैसे-वैसे यह और ज्यादा जरूरी हो जाएगा कि आप देखें कि आपका पैसा कहां जा रहा है.

RBI इस बदलाव के जरिए असली रेकरिंग पेमेंट को सुगम बनाना चाहता है, साथ ही ग्राहक की सहमति और अलर्ट को भी बनाए रखना चाहता है. यूजर्स के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है: कम फेल पेमेंट, कम OTP की झंझट, कम रिमाइंडर और हर महीने कम तनाव.

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