Who is IPS Shreshtha Thakur: यूपी पुलिस के 44 ऑफिसर के तबादलों की लिस्ट जारी की गई है, जिसमें कई ऐसे अधिकारी हैं, जो बीते दिनों ही डिप्टी एसपी से एडिशनल एसपी बने हैं.. इनमें अभय मिश्रा को विजिलेंस से हटाकर अपर पुलिस आयुक्त बनाकर गौतबुद्धनगर, जबकि राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति का इंटरव्यू लेने वालीं तनु उपाध्याय को कानपुर में 37वीं वाहिनी पीएसी में उप सेनानायक बनाया गया है, इन्होंने महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर सुधा मूर्ति का इंटरव्यू किया था. पर इन सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे लेडी सिंघम ऑफिसर की हो रही है, जिन्हें एटीएस लखनऊ में एएसपी बनाया गया है, इनका नाम है श्रेष्ठा ठाकुर....जिन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में जब ये देखा कि कुछ लड़के लड़कियों को परेशान करते हैं और पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती, तो इन्होंने खुद पुलिस ऑफिसर बनने का संकल्प ले लिया था..
कौन हैं IPS श्रेष्ठा ठाकुर?
हालांकि दो साल पहले इन्होंने अपने पति के खिलाफ ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवा दिया, आरोप लगा कि रोहित ने खुद को IRS ऑफिसर बताकर शादी कर ली, खुद की पोस्टिंग रांची में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर बताई, लेकिन बाद में सच्चाई खुल गई, पुलिस ने रोहित को गिरफ्तार भी किया, पर रोहित ने फिर जेल से छूटने के बाद श्रेष्ठा पर ही कई गंभीर आरोप लगाए थे, इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था...अब जब श्रेष्ठा ठाकुर का तबादला एटीएस विंग में हुआ है तो ये बात साफ है कि दुश्मनों की शामत आने वाली है, क्योंकि श्रेष्ठा ठाकुर ड्यूटी के आगे किसी की नहीं सुनतीं, बहराइच में तो ये पोस्टिंग के दौरान ही सीधा बीजेपी नेता को कानून सीखाने लगी थीं.
उसके बाद कई लोगों ने इनके इस अंदाज को सराहा तो कईयों ने आलोचना भी की, कुछ वक्त बाद इनका तबादला दूसरी जगह कर दिया गया, और फिलहाल ये बागपत में मुस्तैद थीं, जहां से इन्हें अब लखनऊ भेजा गया है...इनके अलावा कई ऐसे ऑफिसर हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारी मिली है, इसके साथ-साथ 40 IAS ऑफिसर भी इधर से उधर किए गए हैं, जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या ये रुटीन प्रोसेस का हिस्सा है या फिर कहानी कुछ और है...कई बार बड़े स्तर पर तबादले के कई मायने होते हैं.....यूपी में योगी आदित्यनाथ खुद अधिकारियों के कामकाज की निगरानी करते हैं, और ये सीधा संदेश देते हैं लापरवाही नहीं चलेगी, जबकि कईयों को उनके काम का इनाम भी मिल रहा है.
लखीमपुर खीरी की DM दुर्गा शक्ति नागपाल (2010 बैच) को देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है. कहा जाता है ये अखिलेश सरकार में सीधा सत्ता से टकरा गईं थीं.
जबकि आगरा DM अरविंद मल्लप्पा बांगरी को CM का विशेष सचिव बनाया गया है. जो एक बड़ा संदेश है.
चूंकि आने वाले साल में यूपी में चुनाव है, और चुनावी साल में कई तरीके की चुनौतियां भी होती हैं, इसलिए योगी सरकार चुनाव से पहले कई बड़े फैसले ले सकती है...फिलहाल इन अधिकारियों के तबादले ने यूपी की सियासत में एक नई चर्चा छेड़ दी है....अब पहले वाला सुस्त रवैया और सुस्त सिस्टम यूपी में नहीं दिखने वाला...जो अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, उनकी शिकायत आप खुद भी कर सकते हैं..