मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर कैसे जीतेगी बीजेपी, योगी का रामपुर मॉडल सुन टेंशन में अखिलेश-आजम!

Abhishek Chaturvedi 25 Oct 2024 04:57: PM 3 Mins
मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर कैसे जीतेगी बीजेपी, योगी का रामपुर मॉडल सुन टेंशन में अखिलेश-आजम!

UP Assembly By-election: यूपी में 9 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, लेकिन बीजेपी के लिए सबसे मुश्किल दो मुस्लिम बाहुल्य सीटें हैं, जिनमें से पहली है मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट (Kundarki Assembly By-election), जहां करीब 60 फीसदी मुस्लिम आबादी रहती है, जबकि दूसरी है कानपुर की सीसामऊ (Sisamau Assembly By-election), जहां करीब 70 फीसदी मुस्लिम रहते हैं. इसके अलावा मैनपुरी की करहल (Karhal) और अंबेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा सीट (Katehri Assembly By-election) पर कांटे की टक्कर होने वाली है.

अब सवाल इस बात का है कि उपचुनाव में मुस्लिमों ने एकमुश्त सपा को वोट किया तो बीजेपी का क्या होगा? योगी किस प्लानिंग के आधार पर सभी सीटों पर जीत के दावे कर रहे हैं? वो रामपुर मॉडल क्या है, जिसने अखिलेश यादव और जेल में बंद आजम खान दोनों की टेंशन बढ़ा दी है? तो इस मॉडल पर आएं उससे पहले मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट का सियासी समीकऱण समझाते हैं.

  • मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर करीब 60 फीसदी मुस्लिम रहते हैं
  • 18 फीसदी ओबीसी, 11 फीसदी SC, 9 फीसदी जनरल और 2 फीसदी अन्य हैं
  • जीत-हार का फैसला अब तक तुर्क मुसलमान करते रहे हैं, उनकी संख्या ज्यादा है
  • सपा के पूर्व MP शफीकुर्रहमान बर्क की ये कर्मभूमि रही है, पोते भी विधायक रहे
  • फिलहाल शफीकुर्ररहमान बर्क के पोते जियाउर्ररहमान बर्क संभल से सांसद हैं

राजनीतिक मामलों के जानकार कहते हैं बर्क वोटर्स को साधे बिना यहां बीजेपी की जीत मुश्किल है. मुरादाबाद चूंकि यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी का गृह जिला है इसलिए इस बार उनके लिए भी ये बड़ी परीक्षा है. बीजेपी ने इस सीट से रामवीर सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जो बीजेपी में जिला महामंत्री से लेकर प्रदेश सचिव तक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक जीत नसीब नहीं हुई है. साल 2012 और 2017 में इन्हें यहां से हार मिली थी, पर कहा जा रहा है कि बीजेपी ने इस बार बड़ी प्लानिंग के तहत उन्हें यहां से उम्मीदवार बनाया है, जैसे रामपुर में आजम खान का किला योगी ने ध्वस्त करवाया, उसी मॉडल से इस बार तुर्क मुसलमानों का गढ़ योगी के हनुमान रामवीर सिंह भेदने वाले हैं.

क्या है बीजेपी का रामपुर मॉडल

  • आजम खान की जब सदस्यता रद्द हुई तो साल 2022 में रामपुर सीट पर उपचुनाव हुए
  • यहां 50 फीसदी मुस्लिम और 5 फीसदी यादव वोटर्स हैं, इसलिए ये सपा का गढ़ माना जाता था
  • पर योगी ने नया प्लान तैयार किया, एक-एक वोटर्स का फीडबैक लिया, उन्हें बूथ तक पहुंचवाया
  • सपा से नाराज मुस्लिम वोटर्स को साधा, उन तक सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी पहुंचवाई

नतीजा ये हुआ कि आकाशा सक्सेना यहां से जीतकर विधायक बने. कुछ लोग कहते हैं आजम खान के दौर में सिर्फ हिंदुओं को ही नहीं, बल्कि कुछ नाराज मुस्लिम वोटर्स को भी वोट देने से रोक दिया जाता था. बूथ कैप्चरिंग और फर्जी वोटिंग तक की शिकायतें आती थी, जिससे निपटने के लिए चुनाव आयोग ने इस बार ऐसे इंतजाम किए कि सारा खेल पलट गया. यही हाल कुंदरकी विधानसभा सीट को लेकर भी कहा जा रहा है.

तुर्क मुसलमानों के गढ़ कुंदरकी से करीब 5 तुर्क मुस्लिम विधायक रहे हैं. तीन दशकों से यहां एक तरह से मुस्लिम नेता का ही कब्जा रहा है, लेकिन वहां के मुस्लिमों की समस्याएं आज भी दूर नहीं हुई. कुछ गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, तो कुछ गांवों में सड़क नहीं है. अखिलेश की पार्टी जहां इस बार लोकसभा चुनाव की तरह ही पीडीए और संविधान के मुद्दे को लेकर उपचुनाव में उतर रही है, तो वहीं बीजेपी सबका साथ, सबका विकास के साथ-साथ योगी के नए नारे बंटेंगे तो कंटेगे के साथ चुनाव में उतर रही है, जिससे हिंदू वोट तो एकजुट होंगे ही और नाराज मुस्लिम वोटर्स अगर इधर आए तो फिर बीजेपी की जीत हो सकती है.

फिलहाल कुंदरकी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी रामवीर सिंह का मुकाबला यहां सपा की टिकट पर तीन बार के विधायक रह चुके हाजी रिजवान से है. जिन्हें हराने के लिए योगी ने पूरी फौज उतार दी है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद, योगी कैबिनेट में मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जसवंत सिंह सैनी, मंत्री जेपीएस राठौर, गुलाबो देवी और महामंत्री अरुण सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है. योगी ने अपने एक खास मंत्री को रामवीर सिंह के नॉमिनेशन में भी भेजा था. जो ये बताता योगी हर हाल में कुंदरकी में जीत चाहते हैं. अब ये देखने वाली बात होगी कि 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में जनता किसके सिर जीत का ताज सजाती है. 

UP Assembly by-election Sisamau Karhal Kundarki

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