सोमवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया. इसके तहत परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं. वहीं, इस दौरान सदन में विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही मांगी.
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी नेताओं से आग्रह करते हुए कहा, "इस विषय पर आपको (विपक्षी सदस्यों को) बोलने का पर्याप्त समय दिया जाएगा. सदन की जितनी सहमति होगी, उतना समय इस विधेयक पर चर्चा के लिए दिया जाएगा. मेरा आग्रह है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन का सहयोग करें और चर्चा करें." इसके बावजूद विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के तहत पेपर लीक करने वालों और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले आरोपियों को पांच साल से दस साल तक की सजा तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. संशोधन के अनुसार जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी. इसके लिए विधेयक में केंद्र एवं राज्यों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह एंटी पेपर लीक विधेयक पेश किया.