लखनऊ के कसमंडी विवादित ढाचें सावन के पहले सोमवार के दिन जल चढानें की कोशिश की गई 108 गावें की पवित्र मिट्टी और जल लेके लाखन आर्मी के राष्ट्रिय अध्यक्ष सूरज पासी अपने कार्यकर्ताओं के साथ विवाटित ढाचें की ओर बढें।
मामले की संवेदनशीलता के देखते हुए भारी सुरक्षा बल को तैनात किया गया जिसके बाद लाखन आर्मी को प्रवेश करने से रोका गया लाखन आर्मी के राष्ट्रिय अध्यक्ष सूरज पासी और उनके समर्थक जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, पुलिस प्रशासन के समझाने पर लाखन आर्मी के सूरज पासी बैरिकेटिंग के सामने ही सांकेतिक जलाभिषेक करते है।
21 मई के सुरज पासी ने दावा किया की कसमंडी में बना मकबरा और मस्जिद सन् 980 से 1031 में राजा कंस का किला और शिव मंदिर था। वह 21 मई को डिएम को ज्ञापन सौंपकर विवादित ढाचें का मामला सामने लाए उन्होनें विवादित ढाचें पर हिंदू देवी-देवताओं की कलाकृतियां होने का भी दावा किया और कार्बन डेंटिंग की मांग की। विवादित ढाचें में नामाज पढने पर रोक है वहीं कुछ दिन पहले, विवादित ढाचें में हनुमान चालिसा पढने की भी कोशिश की गई थी। 27 मई को सूरज पासी ने विवादित स्थल के पास धरना दिया था।
लखनऊ के मलिहाबाद में स्थित कसमंडी विवादित ढाचें को पासी समाज महाराजा कंस पासी का किला और शिव मंदिर मानते है वहीं दुसरा पक्ष उसे सरकारी रिकॉर्ड के तहत मकबरा और मस्जिद मानते है।