नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के छतरपुर में दिल दहला देने वाली घटना उजागर हुई है. यहां एक निर्दयी पति ने अपनी पत्नी को बाजार घुमाने के बहाने ले जाकर मोमोज में नशीली दवा घोल दी. बेहोशी की स्थिति में उसने न केवल खुद दुष्कर्म किया, बल्कि अपने दो सहयोगियों को भी इस जघन्य अपराध में शामिल कर लिया. अपराध के बाद पीड़िता के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और छतरपुर-सागर हाईवे के किनारे तड़पने के लिए फेंक दिया.
जिला अस्पताल में उपचाररत पीड़िता ने होश हासिल करने के बाद पुलिस को जो खौफनाक ब्यौरा सुनाया, वह सुनकर अधिकारी भी स्तब्ध रह गए. 9 सितंबर को हाईवे पर बेहोशी में पड़ी इस महिला को राहगीरों ने देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया. उसके अंग बंधे हुए थे, और चिकित्सकीय जांच में गंभीर चोटें व दुष्कर्म के स्पष्ट निशान मिले. पीड़िता के बयान पर सिविल लाइन थाने ने पति और उसके दो साथियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण तथा हत्या के प्रयास जैसे गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस जांच में एक और सनसनीखेज तथ्य सामने आया है.
पीड़िता ने बताया कि यह पहला ऐसा हादसा नहीं था. पिछले तीन मौकों पर भी उसके पति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इसी तरह का अपराध किया था. उन मामलों में शिकायत तो दर्ज हुई, लेकिन अदालत में बयान न देने से आरोपी बच निकले थे. इस बार पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और विस्तृत बयान दर्ज कराए. उसके अनुसार, पति ने उसे बाजार ले जाकर लोकप्रिय स्ट्रीट फूड मोमोज अर्पित किया, जिसमें बेहोशी पैदा करने वाली दवा मिली हुई थी.
नशे के असर से बेहाल होते ही पति ने उसके साथ बलात्कार किया, फिर दोस्तों को बुलाकर उन्हें सौंप दिया. दुष्कर्म के बाद तीनों ने मिलकर पीड़िता को बेहोशी में बांधा और हाईवे पर त्याग दिया, ताकि वह मर जाए. थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी फरार हैं, लेकिन छापेमारी तेज कर दी गई है. पीड़िता की हालत अब स्थिर है, और मेडिकल रिपोर्ट से नशे व चोटों की पुष्टि हो चुकी है. यह मामला न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पारिवारिक विश्वास की धज्जियां उड़ा रहा है. पुलिस ने अपील की है कि पीड़ित महिलाएं ऐसी घटनाओं में खुलकर बयान दें, ताकि अपराधी सजा पाएं.