केदार घाटी में बचाव अभियान के लिए वायुसेना ने चिनूक और एक Mi-17V5 हेलीकॉप्टर किया तैनात

Global Bharat 02 Aug 2024 12:10: PM 2 Mins
केदार घाटी में बचाव अभियान के लिए वायुसेना ने चिनूक और एक Mi-17V5 हेलीकॉप्टर किया तैनात

भारतीय वायुसेना ने उत्तराखंड की केदार घाटी में मानवीय सहायता और राहत अभियान चलाने के लिए एक चिनूक और Mi-17V5 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. रक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय में काम करेंगे. बुधवार रात को भारी बारिश ने रुद्रप्रयाग जिले में मार्ग को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है. फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बचाव और राहत कार्य जारी है. उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, गुरुवार तक हेलीकॉप्टर द्वारा 737 लोगों को बचाया गया और कम से कम 2,670 लोगों को राहत बलों द्वारा सोनप्रयाग ले जाया गया. उत्तराखंड पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट किया, श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर फंसे लोगों का बचाव कार्य जारी है. पूरे दिन हेलीकॉप्टर द्वारा 737 यात्रियों को बचाया गया.

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राज्य आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन कहा कि चारधाम के सभी मार्ग खुले हैं, केवल केदारनाथ में पैदल मार्ग बाधित हुआ है. 100 अन्य मार्ग बाधित हैं, उन्हें खोलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों की स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान, सीएम धामी ने कहा कि बचाव दल पूरी रात सक्रिय रहे और बारिश के प्रभाव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. उन्होंने कहा कि हमें राज्य भर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की सूचना मिली है.

इसके परिणामस्वरूप बचाव दल रात भर काम करते रहे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए. बैठक के बाद सीएम धामी ने कहा कि मैंने अधिकारियों को भारी बारिश से प्रभावित लोगों की सहायता करने और नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर से खतरे में पड़े लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है. सभी को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि रामबाड़ा, भीमबली और जखनियाली जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत और बचाव कार्यों, पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए सुरक्षा की दृष्टि से जो भी धनराशि की आवश्यकता होगी, उसे सरकार द्वारा तत्काल स्वीकृत किया जाएगा. सभी जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने तथा किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने तथा बिना किसी ढिलाई के जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए.

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