सीएम योगी के नए मुख्य सचिव अब एसपी गोयल होंगे, मौजूदा मुख्य सचिव मनोज कुमार की विदाई हो गई है, ऐसे में एसपी गोयल कौन हैं, मायावती सरकार के दौरान ये चर्चा में क्यों रहे थे और अब योगी के सबसे भरोसेमंद ऑफिसर कैसे बनें, ये जानना जरूरी हो जाता है.
सीएम योगी ने अपना नया मुख्य सचिव एसपी गोयल को बनाया है, जिनका पूरा नाम है शशिप्रकाश गोयल, ये मनोज कुमार की जगह लेंगे, जिसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं कि मनोज कुमार की जो सेवा विस्तार वाली फाइल PMO भेजी गई थी, जिसे लेकर भास्कर दावा करता है कि योगी मनोज कुमार को ही मुख्य सचिव रखना चाहते थे, उसे दिल्ली से मंजूरी क्यों नहीं मिली, तो इस पर सवाल पर आएं उससे पहले योगी के नए मुख्य सचिव को जान लीजिए.
कौन हैं IAS शशिप्रकाश गोयल
यानि इनके पास कई विभागों और दिल्ली से लखनऊ तक काम करने का अनुभव है, जो काफी काम आने वाला है. चूंकि यूपी में आने वाले दिनों में पंचायत चुनाव और 2027 में चुनाव भी है, इसलिए ऐसी चर्चा भी थी कि किसी भरोसेमंद ऑफिसर का ही सरकार नाम आगे बढ़ाएगी. पंचम तल में चूंकि एसपी गोयल 8 साल से तैनात हैं और काफी तेजतर्रार ऑफिसर माने जाते हैं तो इनकी नियुक्ति जानकारों को चौंकाने वाली नहीं लगती. पर सवाल ये है कि मनोज सिंह को सेवा विस्तार क्यों नहीं मिला, अगर उन्हें सेवा विस्तार मिलता तो इसे योगी के दिल्ली में बढ़ते कद से भी देखा जा सकता था कि उनकी मांग मान ली गई.
दैनिक भास्कर सूत्रों के हवाले से लिखता है, ''प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के सामने मनोज सिंह के सेवा विस्तार प्रस्ताव की खिलाफत कर आए हैं. इसके बाद भी मनोज सिंह को सेवा विस्तार मिलना साबित करेगा कि यूपी में योगी की ही चलेगी.''
हालांकि सियासत से हटकर देखें तो मुख्य सचिव का पद सिर्फ पसंद-नापसंद के आधार पर नहीं बल्कि वरिष्ठता और नौकरशाही के बैकग्राउंड के आधार पर भी तय होता है. नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद क्या अब शासन स्तर पर भी कोई फेरबदल होगा, चूंकि एसपी गोयल को नई जिम्मेदारी मिल गई है तो उनकी जगह किन्हें जिम्मेदारी मिलेगी, ये भी देखने वाली बात होगी. फिलहाल यूपी लखनऊ के पंचम तल में हलचल तेज है, नए साहब की नियुक्ति के बाद बदलाव तो हर विभाग में दिखते हैं और यहां तो नए मुख्य सचिव की नियुक्ति का मामला है, फिलहाल एसपी गोयल को नए पद की बधाई बनती है.