फिरोजाबाद : उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद के जिलाधिकारी रहे आईएएस रमेश रंजन को हटा दिया गया है. उन्हें अब राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त के पद पर तैनात किया गया है. यह कार्रवाई उस विवाद के बाद हुई, जिसमें उन पर एक तहसीलदार से महंगा आईफोन गिफ्ट लेने के आरोप लगे थे. बताया जा रहा है कि रमेश रंजन को आईफोन गिफ्ट करने वाली तहसीलदार राखी शर्मा को भी पहले ही हटाकर राजस्व परिषद भेजा जा चुका है.
इस पूरे मामले ने पिछले कुछ दिनों में प्रदेश की नौकरशाही और प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं. सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हुआ और विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए थे. विवाद तब शुरू हुआ जब एक कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार द्वारा जिलाधिकारी को महंगा मोबाइल फोन भेंट किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए. सरकारी अधिकारियों के बीच इस तरह के महंगे उपहार को लेकर नैतिकता और पारदर्शिता पर सवाल उठे. आलोचकों का कहना था कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को इस तरह के उपहार स्वीकार करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं.
प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की. रमेश रंजन का तबादला कर उन्हें फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया, जबकि राखी शर्मा को भी पहले ही जिम्मेदारी से दूर कर दिया गया था. इस घटनाक्रम को सरकार की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन नीति से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आचरण को लेकर किसी भी तरह की नकारात्मक छवि से बचना चाहती है. फिलहाल यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे नौकरशाही में आचार संहिता के पालन के बड़े उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है.