Ikra Hasan Anangpur Speech: कैराना से सपा सांसद इकरा हसन अब तक अपने क्षेत्र में लोगों की समस्याएं सुनती, कुछ बैठकों में शामिल होने दूसरे राज्यों में जातीं थीं, अचानक हरियाणा के एक गांव में 13 जुलाई को क्यों पहुंच जाती हैं, वहां आखिर ऐसा क्या हो रहा है, जिसकी ख़बर नेशनल मीडिया में न के बराबर है, और पूरा विपक्ष वहां एकजुट होकर सरकार को सीधी चुनौती दे रहा है. इसे समझने से पहले इकरा हसन का भाषण सुनिए, जो उन्होंने गांव बचाने की लड़ाई का जिक्र कर दिया.
“शेर वन में रहता है और गुर्जर शेरों से कम नहीं हैं. आज हमारे कई गांव जंगलों में हैं, ये सिर्फ आपकी अकेले की लड़ाई नहीं है, आज अगर आप लोगों की बात तो कल को और गांवों और धरोहरों को कटघरों में लाकर खड़े कर देंगे. जो सिक्कों में बिक जाए, वो मेरा ईमान थोड़ी है, मेरे पुरखों ने सींचा है ल-हू के कतरे-कतरे से, बहुत बांटा मगर अब बस खैरात थोड़ी है, जो रहजन थे, उन्हें हाकिम बनाकर उम्र भर पूजा, मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़ी हैं, सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है. जय हिंद, जय संविधान.”
इकरा के भाषण के बाद इकरा गुर्जर का भी नारा लगता है. इकरा का ये भाषण अनंगपुर गांव का है. जहां जमीन बचाने की लड़ाई को लेकर अनंगपुर संघर्ष समिति का आंदोलन चल रहा है. गांववालों का आरोप है सरकार की नजर अब अरावली वन क्षेत्र में है, वहां हजारों परिवारों को उजाड़कर बेघर करने और घरों की तोड़ने की कोशिश हो रही है, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी जानबूझकर ठीक ढंग से पैरवी नहीं की. गांववालों के समर्थन में ही 13 जुलाई को कई बड़े नेता पहुंचे थे.
फरीदाबाद के अनंगपुर महापंचायत से आई इस तस्वीर में किसान नेता राकेश टिकैत के बगल में इकरा हसन बैठीं नजर आ रही हैं, दूसरी तस्वीर में कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा मंच से भाषण देते दिख रहे हैं, जबकि तीसरी तस्वीर में दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज समेत कई दिग्गज बैठे नजर आ रहे हैं. सौरभ भारद्वाज खुलकर कहते हैं
“सरकार हर जगह कहती है कोर्ट का ऑर्डर आ गया, लेकिन कोर्ट गया कौन था सरकार, और वो भी गांववालों के खिलाफ. हरियाणा के भाईयों के साथ दिल्ली के 360 गाँव और देहात खड़ा है, भाजपा सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे. सबको एक होकर आवाज़ उठानी पड़ेगी , सरकार को झुकना पड़ेगा.”
दरअसल पूरी लड़ाई अनंगपुर गांव के करीब साढ़े 5 हजार घरों को लेकर है, जो वन विभाग के क्षेत्र में आ रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट ने वहां बुलडोजर एक्शन के आदेश दिए हैं, जिसके बाद से हरियाणा वन विभाग लगातार कार्रवाई में जुटा है, लेकिन 13 जुलाई को महापंचायत बुलाकर गांववालों ने 5 बड़ी मांगें रखी हैं.