Changur Baba Fraud Case: ये है मौलाना जमालुद्दी ऊर्फ छांगुर बाबा, जो कभी यूपी के बलरामपुर जिले में साइकिल से घूम-घूमकर नग बेचता था, कहते हैं तब ये मंदिरों वाले मोहल्ले में मोती और मूंगा बेचता, जबकि मस्जिदों वाले इलाके में खास किस्म के रत्न लेकर जाता, शुरू से ही इसकी प्लानिंग इतनी बड़ी थी कि 10 साल के भीतर ये 100 से ज्यादा करोड़ का मालिक बन जाता है. उतरौला में ऐसी कोठी बनवाता है, जहां की बाउंड्री की दीवारों पर बिजली के तार लगे हैं, चौबीसों घंटे घर में आने-जाने वाले लोगों की सीसीटीवी से निगरानी होती है, और कुत्ते इसने इतने पाल रखे हैं, जैसे घर पर ही डॉग स्कवॉयड की स्पेशल यूनिट बना रहा हो, शुरुआत में इसके खिलाफ जब शिकायत दर्ज हुई तो पुलिस को भी होश उड़े हुए थे, लेकिन जैसे ही लखनऊ से इसकी गिरफ्तारी हुई, ऐसा खुलासा हुआ कि यूपी एटीएस भी दंग रह गई. जिस जांच एजेंसी को अब तक ये लग रहा था कि जमालुद्दीन ऊर्फ छांगुर बाबा का गुनाह बुर्के वाली लड़कियों की संख्या बढ़ाना और गैर बुर्के वाली लड़कियों की आस्था से खिलवाड़ करना था, उसने जब ये सुना कि इस खेल में एक सीजेएम के लिपिक की पत्नी भी शामिल है, तो अधिकारियों के भी दिमाग ठनक गए. वो इतने बड़े लोगों के करीब गया कैसे, इस बात पर आएं उससे पहले उस लिपिक और उसकी पत्नी का नाम और कारनामा जानिए.
कई मीडिया रिपोर्ट ये तक दावा करती हैं कि छांगुर बाबा की पहुंच काफी ऊपर तक थी, इसीलिए वो अब तक बचा हुआ था, वो कई बार मुस्लिम मुल्कों की यात्रा कर चुका है, एटीएस को ये पता भी चला है कि विदेशों से उसकी फंडिंग होती थी, लेकिन ये इतना शातिर था कि पैसा खुद के अकाउंट की बजाय अपनी महिला साथी नीतू ऊर्फ नसरीन के अकाउंट में मंगवाता, नीतू का पति जो बाबा का बड़ा चेला था, वो भी इस खेल में शामिल था, लेकिन अब वो सलाखों के पीछे हैं. हालांकि यूपी एटीएस की चुनौती इसकी गिरफ्तारी के बाद भी कम नहीं हुई है, क्योंकि इसके ग्रुप में कुल 18 लोगों के होने की ख़बर है और अब तक सिर्फ 4 की गिरफ्तारी हुई है, बाकी के 14 लोगों की तलाश जारी है. पर यहां सवाल ये खड़ा होता है कि जब एक जज साहब की लिपिक की पत्नी तक इसने पहुंच बना ली थी, तो क्या और कोई अधिकारी या नेता भी इसके पूरे खेल में शामिल था और इसे शह दे रहा था. अगर ऐसा है तो फिर आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है. इसके केस में अब एनआईए और ईडी की भी एंट्री हो सकती है, पहले से ही सीबीआई छांगुर बाबा की काली करतूतों की फाइल तलाश रही है. अब तक मिले सबूत ये इशारा करते हैं जरूर इसके ऊपर किसी न किसी का हाथ रहा होगा तो फिर इसका आका कौन है, और इसने इतने बरसों तक इतना बड़ा खेल कैसे रचा कि किसी को भनक तक नहीं लगी. ऐसे लोगों से आप बेहद सतर्क और सावधान रहें, वरना लालच के चक्कर में बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं.