प्रयागराज महाकुंभ 2025: प्रयागराज महाकुंभ में लगी आग के मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि मेला परिसर में करीब 100 टेंट अवैध रूप से लगाए गए थे, जिनकी स्थापना प्रशासन की अनुमति के बिना की गई थी. जिन टेंटों में आग लगी, वे भी इन्हीं अवैध टेंटों की सूची में शामिल थे.
30 जनवरी को लगी आग में करीब 15 टेंट जलकर खाक हो गए, हालांकि कोई हानि नहीं हुई. महाकुंभ प्रशासन के अनुसार, यह टेंट बिना प्रशासनिक स्वीकृति के लगाए गए थे.
जिला प्रशासन की जांच में पता चला कि टेंट मालिकों ने स्थानीय किसानों से यह कहकर भूमि किराए पर ली थी कि इसका उपयोग पार्किंग और यज्ञ के लिए किया जाएगा.
FIR के अनुसार जिन सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें महावीर सिंह , प्रणव पाल , स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गिरि , मुकेंद्र सिंह गुर्जर , आलोक श्रीवास्तव , सत्यम और मुन्ना के नाम शामिल हैं.
SHO के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 125(B) - लोगों की जान खतरे में डालने , धारा 287 - आग से लापरवाही और धारा 318(4) - धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया है.
नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट न दिखाने पर मुख्य आरोपी फरार
जांच के दौरान प्रशासन ने कैंप ऑपरेटर महावीर सिंह से अलग-अलग विभागों द्वारा जारी किए गए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका और बाद में फरार हो गया.
स्थानीय लोगों के बयान दर्ज
जांच कर रही टीम ने स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज किए. उन्होंने बताया कि कुछ पैसों के बदले यह जमीन टेंट मालिकों को उपलब्ध कराई गई थी और इसे पार्किंग के उपयोग के लिए देने की बात कही गई थी.