भारत-इजराइल 8,000 करोड़ की महाडील अंतिम चरण में, IAF को मिलेंगे 6 हवाई रिफ्यूलिंग विमान, पाकिस्तान-चीन की बढ़ेगी टेंशन

Amanat Ansari 02 Nov 2026 10:48 AM 1 Mins
भारत-इजराइल 8,000 करोड़ की महाडील अंतिम चरण में, IAF को मिलेंगे 6 हवाई रिफ्यूलिंग विमान, पाकिस्तान-चीन की बढ़ेगी टेंशन

नई दिल्ली: भारत और इजराइल के बीच करीब 900 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8,000 करोड़ रुपये की बड़ी डिफेंस डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इस महाडील के तहत इजराइल की सरकारी रक्षा कंपनी इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) भारतीय वायुसेना के लिए छह हवाई ईंधन भरने वाले विमानों की आपूर्ति करेगी. ये विमान आसमान में ही लड़ाकू विमानों को रीफ्यूल करने वाले टैंकर होंगे.

IAI एकमात्र योग्य बिडर के रूप में उभरी है, क्योंकि रूस और यूरोप की कंपनियों के प्रस्ताव मूल्यांकन मानदंडों को पूरा करने में विफल रहे. अगर IAI बोली जीत जाती है, तो वह छह बोइंग 767 विमान खरीदेगी और उन्हें एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर में बदलेगी.

मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा

मेक-इन-इंडिया के तहत इस प्रोजेक्ट का कम से कम 30 प्रतिशत काम भारत में किया जाएगा. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय साझेदार बनने की संभावना है, जिसमें लोकल सिस्टम इंटीग्रेशन, वायरिंग और स्ट्रक्चरल अपडेट शामिल होंगे. सभी मंजूरियों के बाद 2028 से 2030 के बीच विमानों की डिलीवरी होने की उम्मीद है.  IAI के पास हवा में ईंधन भरने वाले विमान बनाने का 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है.

भारत को क्या फायदा होगा?

  • उसने इजराइल वायुसेना सहित दुनिया के 12 से अधिक देशों के लिए दर्जनों विमानों को रिफ्यूलिंग के लिए रूपांतरित किया है, जिसका लाभ भारत को मिलेगा.
  • ये नए टैंकर भारतीय वायुसेना के पुराने रूसी इल्यूशिन Il-78 विमानों की जगह लेंगे या उनकी क्षमता बढ़ाएंगे.
  • इससे वायुसेना की लंबी दूरी तक सैन्य अभियान चलाने और हवा में ही लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी.

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