तेल अवीव/यरुशलम: फ्लाईदुबई फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के बाद इजरायल में भारतीय पर्यटकों का सम्मान अचानक बढ़ गया है. वहां घूमने पहुंचे भारतीयों का अनुभव अब पहले जैसा नहीं रहा. स्थानीय लोग उनसे मिलते ही कह उठते हैं- ''आप कैप्टन स्मित के देश से हैं.''
एक हिंदू न्यूज चैनल से खास बातचीत में इजरायल पहुंचे भारतीय पर्यटकों ने बताया कि कैप्टन स्मित के साहसिक कदम ने वहां भारतीयों के प्रति प्यार और अपनापन काफी बढ़ा दिया है. एक पर्यटक ने कहा कि जब भी कोई उनसे पूछता है कि वे कहां से आए हैं, तो कई बार लोग खुद ही कह देते हैं कि आप कैप्टन स्मित के देश से हैं. उनका अंदाज बहुत अच्छा लगता है और लोग भारतीयों के साथ बेहद प्यार से पेश आ रहे हैं.
दूसरे पर्यटक ने भी यही अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि जैसे ही वे खुद को भारतीय बताते हैं, लोग तुरंत कैप्टन स्मित का जिक्र करने लगते हैं और कहते हैं कि भारत उनका बहुत अच्छा दोस्त है. एक पर्यटक ने यहां तक कहा कि अगर अगली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित इजरायल आएं, तो वे भी उसी समय वहां आना पसंद करेंगे.
इजरायली लड़की का खास संदेश
यरुशलम की एक इजरायली लड़की ने कैप्टन स्मित के लिए खास संदेश दिया. उसने कहा कि जब भी कैप्टन इजरायल आएंगे, उनका उसके घर में दिल से स्वागत होगा. वह उनके लिए मसाला चाय, हम्मस और फलाफल तैयार करेगी. उसने बहादुरी के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “आपका इजरायल में बहुत-बहुत स्वागत है. हम बेसब्री से आपका इंतजार कर रहे हैं.”
क्या हुआ था फ्लाइट में?
यह पूरा मामला फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ा है, जो UAE से इजरायल जा रही थी. उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था. घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमलावर को विमान गिराने का कोई पछतावा नहीं है. कैप्टन स्मित की इस बहादुरी ने भारत-इजरायल संबंधों में एक नई गर्माहट ला दी है.