Super Typhoon Nolo: मौसम वैज्ञानिकों की नींद उड़ाने वाला चक्रवाती तूफान ‘नोलो’ अब बेहद खतरनाक रूप ले चुका है. अगले 36 घंटों में यह इंटरनेशनल डेट लाइन पार कर सुपर टाइफून बनने वाला है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कैटेगरी-5 स्तर का तूफान माना जाता है.
मौसम एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. इतनी तेज हवाओं में कमजोर मकान, टीन की छतें, बिजली के खंभे और मोबाइल टॉवर ताश के पत्तों की तरह उड़ सकते हैं. समंदर में 10 से 20 फीट ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे तटीय इलाकों में स्टॉर्म सर्ज और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
कहां मचा सकता है तबाही?
तूफान ‘नोलो’ प्रशांत महासागर के द्वीपों के साथ-साथ पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के लिए खतरा बन सकता है. भारी बारिश से फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का भी डर है. अगर यह किसी घनी आबादी वाले तट से टकराया तो तबाही बड़े पैमाने पर हो सकती है, वरना समुद्र में ही कमजोर पड़ सकता है.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर इसकी हर हलचल पर नजर रखे हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो दिन बेहद नाजुक हैं. तटीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, बिजली सप्लाई और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. मौसम विभाग ने प्रभावित होने वाले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.