नई दिल्ली: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. रविवार को इंडिया गेट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस ने कम से कम 25 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इनमें दिल्ली AAP प्रमुख सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा भी शामिल हैं.
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “ये लोग मुझे ऐसे उठाकर फेंक रहे हैं जैसे मैं फुटबॉल हूं. पैर ऊपर, सिर नीचे करके पुलिस मुझे उठाकर ले जा रही है.” उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि पुलिस ने उन्हें उल्टा कर दिया ताकि कैमरों में उनका चेहरा न दिखे. उन्होंने कहा, “ये हवा में मेरे जूते हैं.”
भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस अपने एसीपी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रही है, जबकि जो लोग लड़की के हक में खड़े हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “इस सरकार को जाना होगा.” AAP विधायक संजीव झा ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जनता के सवालों और मतदान के अधिकार को लेकर उठ रही चिंताओं से बच नहीं सकते. उन्होंने जोर दिया कि इन सवालों का समाधान चुप्पी या पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए.
पार्टी का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिससे मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. इसी दिन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च किया. आंध्र भवन सर्कल से शुरू हुए इस प्रदर्शन में भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के कारण धक्का-मुक्की हुई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करती नजर आईं.
पिछले दो दिनों में दिल्ली में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है. शनिवार को जंतर-मंतर के आसपास करीब 150 लोग हिरासत में लिए गए थे, जिनमें योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी शामिल थे. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया को कानूनी प्रावधानों के तहत बताया है, जबकि विपक्षी दल पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.