रायपुर में खुफिया विभाग का पुलिसकर्मी हुआ साइबर ठगी का शिकार, 20 लाख गंवाए

Amanat Ansari 28 Jul 2025 05:57: PM 2 Mins
रायपुर में खुफिया विभाग का पुलिसकर्मी हुआ साइबर ठगी का शिकार, 20 लाख गंवाए

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस बार शिकार कोई और नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस का एक आरक्षक बना है. 36 वर्षीय पृथ्वीराज सिंह जो पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) में आरक्षक के पद पर तैनात हैं, उनसे 2004285 रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है. यह ठगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के माध्यम से की गई. ठगों ने पुलिसकर्मी को निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया था.

पृथ्वीराज सिंह ने खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया है कि 22 जून से 26 जून 2025 के बीच टेलीग्राम चैनल ‘सिस्टम ग्रुप– 6188’ के जरिए उन्हें निवेश पर भारी लाभ का झांसा दिया गया. इसके लिए सिस्टमबिजनेस.कॉम पर क्लाइंट आईडी बनवाकर और ‘सिस्टम एजेंट सपोर्ट’ व ‘सिस कैश आउट डिपार्टमेंट’ के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में 1751371 रुपये RTGS/NEFT और 252914 रुपए फोन-पे के जरिए जमा करवाए गए.

जब राशि निकालने का समय आया, तो खाता सत्यापन के नाम पर उनसे अतिरिक्त 1306414 रुपए जमा करने का दबाव बनाया गया. ठगी का अहसास होने पर पृथ्वीराज ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की और बैंक स्टेटमेंट, टेलीग्राम यूजर आईडी और साइबर क्राइम पोर्टल की शिकायत की कॉपी पुलिस को सौंपी. जमा राशि का विवरण भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया, जिसमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सिटी यूनियन बैंक, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, कर्नाटक बैंक, और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में राशि ट्रांसफर की गई थी.

रायपुर पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि यह एक संगठित साइबर अपराधी गिरोह का काम है, जो टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों को निवेश के नाम पर ठगता है. जांच में पता चला कि इस तरह के गिरोह अक्सर फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर लोगों को लुभावने ऑफर देते हैं और फिर उनके पैसे हड़प लेते हैं.

रायपुर के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं. टेलीग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय साइबर ठगों की पहचान के लिए साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई है. आम जनता से अपील है कि वे ऑनलाइन निवेश के लुभावने ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें.”

पुलिस ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर जांच तेज कर दी है. अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह का संबंध अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी के नेटवर्क से है.

सावधानी बरतने की सलाह...

  • टेलीग्राम, व्हाट्सएप, या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निवेश के लुभावने ऑफर से सावधान रहें.
  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और फर्जी ऐप डाउनलोड करने से बचें.
  • निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता और सेबी पंजीकरण की जांच करें.
  • अपने बैंक खाते, आधार, या अन्य संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें.
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