नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर केंद्र सरकार ने प्रतिष्ठित सेवा के लिए पुलिस पदकों का ऐलान किया है। इसमें सीबीआई में बहुचर्चित मामलों की जांच का नेतृत्व करने वाली वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नूपुर प्रसाद को उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (President's Medal) से सम्मानित किया गया है। 2007 बैच की एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर की आईपीएस अधिकारी नूपुर प्रसाद हाल ही में सीबीआई में अपना प्रतिनियुक्ति कार्यकाल पूरा कर दिल्ली पुलिस में लौटी हैं और वर्तमान में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) के पद पर तैनात हैं।
आईपीएस नूपुर प्रसाद उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई थीं, जब उन्हें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की सीबीआई जांच की कमान सौंपी गई थी। 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा में अभिनेता का शव मिलने के बाद भारी विवाद के बीच अगस्त 2020 में यह केस सीबीआई को सौंपा गया था। एसपी के पद पर रहते हुए नूपुर प्रसाद ने विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व किया। गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट्स और फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी।
सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर डील जैसे संवेदनशील मामलों की भी निगरानी की। इसके अलावा उन्होंने सीबीआई क्राइम मैनुअल 2020, विजन डॉक्यूमेंट, इंटरपोल जनरल असेंबली 2022 और जी20 साइबर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दिल्ली पुलिस में भी उनका कार्यकाल बेहद प्रभावी रहा है:
शाहदरा की पहली डीसीपी: नए जिले के गठन के समय उन्होंने पुलिसिंग का ढांचा खड़ा किया और ड्रग माफिया व जुआ सिंडिकेट पर नकेल कसी।
उत्तरी जिले (North District) की कमान: लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस सुरक्षा व्यवस्था और डीयू छात्रसंघ चुनावों को शांतिपूर्ण संपन्न कराया।
अन्य राज्यों में सेवा: पश्चिम बंगाल में 2011 विधानसभा चुनाव/गंगासागर मेला और अरुणाचल प्रदेश में जबरन वसूली नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई।