Hindi language controversy: राज उद्धव के बीच पिघल रही रिश्तों पर जमी बर्फ! फिर साथ-साथ आएंगे भाई!

Amanat Ansari 19 Apr 2025 04:01: PM 1 Mins
Hindi language controversy: राज उद्धव के बीच पिघल रही रिश्तों पर जमी बर्फ! फिर साथ-साथ आएंगे भाई!
  • हिंदी भाषा विवाद ने ठाकरे भाइयों को किया एकजुट
  • मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने दिखाई सुलह की इच्छा

नई दिल्ली: बीजेपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के फैसले ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को करीब ला दिया है. लगभग दो दशक पहले हुए उनके बीच तीखे मतभेदों के बाद यह विवाद उन्हें एकजुट करता दिख रहा है.  

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने फिल्म निर्माता महेश मांजरेकर के साथ एक पॉडकास्ट में कहा कि वह महाराष्ट्र के हितों और मराठी भाषा को बचाने के लिए छोटे-मोटे विवादों को भुलाने को तैयार हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ गठबंधन करने वाले राज ने कहा कि अगर शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे तैयार हों तो उनके साथ काम करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.  

महाराष्ट्र के लिए एकजुट होने की बात

राज ठाकरे ने कहा, "जब बड़े मुद्दे सामने आते हैं, तो हमारे बीच के छोटे-मोटे झगड़े महत्वहीन हो जाते हैं. महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए हमारे बीच का विवाद छोटा है. एकजुट होना मुश्किल नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि इसके लिए इच्छा होनी चाहिए."  राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी इच्छा या व्यक्तिगत हितों की बात नहीं है. उन्होंने कहा, "बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है."  

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