नई दिल्ली: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) ने अपनी पहली महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' के गठन की घोषणा की है. यह घोषणा जे एम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी मौलाना मसूद अजहर के नाम से जारी एक पत्र के जरिए की गई. पत्र के मुताबिक, इस नई यूनिट के लिए भर्ती 8 अक्टूबर से पाकिस्तान के बहावलपुर में मार्काज उस्मान-ओ-अली में शुरू हो गई.
महिला दस्ते का नेतृत्व कथित तौर पर मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करेंगी. उनका पति यूसुफ अजहर 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारा गया था, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने बहावलपुर में जे एम के मुख्यालय मार्काज सुब्हानल्लाह पर हमला किया था. सूत्रों के अनुसार, संगठन जे एम कमांडरों की पत्नियों के साथ-साथ बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मंसहरा में इसके सेंटर्स में पढ़ने वाली आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को भर्ती कर रहा है. पारंपरिक रूप से जेएम महिलाओं को सशस्त्र कार्रवाइयों से दूर रखता था.
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे, और भारतीय सेना के सफल ऑपरेशन सिंदूर ने रणनीति में बदलाव ला दिया है. खुफिया सूत्रों के अनुसार, मसूद अजहर और उनके भाई तल्हा अल-सैफ ने महिलाओं को जे एम के ऑपरेशनल ढांचे में शामिल करने को मंजूरी दी है. यह कदम एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि जे एम अब महिला सुसाइड अटैकर्स को ट्रेनिंग और तैनाती कर सकता है, जो आईएसआईएस, बोको हराम, हमास और लिट्टे जैसे समूहों से मिलता-जुलता है, जिन्होंने पहले महिलाओं को लड़ाई में इस्तेमाल किया है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जे एम, हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने कथित तौर पर अपने ऑपरेशंस पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) प्रांत में स्थानांतरित कर दिए हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान नष्ट हुई आतंकी संरचनाओं को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है और फंडरेजिंग अभियान चला रहा है, जिसमें ईजीपैसा के जरिए ऑनलाइन फंड कलेक्शन शामिल है. इसका लक्ष्य देशभर में 313 नए मार्काज के लिए 39.1 करोड़ रुपए इकट्ठा करना है.