घटना 27 जनवरी को देहरादून के विकासनगर इलाके में हुई, जहां 18 साल के एक युवक और उसके चचेरे भाई पर हमला किया गया. पीड़ित युवक शॉल बेच रहा था, तभी कुछ लोगों ने उनकी पहचान पूछी. कश्मीर से होने और मुस्लिम समुदाय से जुड़े होने पर उन पर लोहे की रॉड और लाठियों से बेरहमी से हमला किया गया. युवक को सिर में गंभीर चोट आई, बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ और 11 टांके लगे. उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर दून अस्पताल रेफर किया गया. उसके चचेरे भाई को भी मामूली चोटें आईं.
भड़के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को अस्वीकार्य बताया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में हाल ही में ऐसी ही घटनाएं हुई हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा कि कश्मीरियों पर ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते. अगर देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरियों की सुरक्षा खतरे में रहेगी, तो 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग' वाले दावे पर सवाल उठेंगे. उन्होंने अपनी सरकार की ओर से हर जरूरी कदम उठाने का वादा किया और भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अन्य राज्यों को संवेदनशील बनाने की अपील की.
धामी ने FIR का दिया आश्वासन
पुष्कर सिंह धामी ने बातचीत में आश्वासन दिया कि मामले में FIR दर्ज की जाएगी, सख्त कार्रवाई होगी और जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. उत्तराखंड पुलिस ने BNS की धारा 117(2) (संगठित अपराध) और 352 (सार्वजनिक शांति भंग) के तहत मामला दर्ज किया. एक आरोपी संजय यादव (लगभग 50 वर्षीय) को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
PDP नेता इल्तिजा ने की निंदा
इस घटना पर पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे कश्मीरियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का हिस्सा बताया और कहा कि अपराधियों को लगता है कि उन्हें संस्थागत संरक्षण मिला हुआ है. जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भी गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ऐसे हमलों को रोकने की मांग की है. ऐसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर दर्दनाक हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता पर भी सवाल उठाती हैं. उम्मीद है कि जांच तेजी से पूरी होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें न हों.