असम विधानसभा में नमाज ब्रेक पर JDU-LJP ने की आलोचना, CM हिमंत बिस्वा सरमा को दे दी सीख

Global Bharat 01 Sep 2024 04:42: PM 1 Mins
असम विधानसभा में नमाज ब्रेक पर JDU-LJP ने की आलोचना, CM हिमंत बिस्वा सरमा को दे दी सीख

असम विधानसभा में जुमे की नमाज के लिए 2 घंटे की ब्रेक पर रोक लगाने के बाद विपक्षी पार्टियों ने असम सरकार की आलोचना की है. इसे लेकर जदयू नेता नीरज कुमार, केसी त्यागी और दिल्ली एलजेपी अध्यक्ष ने बयान जारी किया है. इसी बीच बीजेपी की सहयोगी पार्टी JDU और LJP नें भी मुख्यमंत्री के फैसले पर असहमति जाहिर की है, जबकि सीएम सरमा ने अपने फैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम विधायकों की सहमति पर ही यह फैसला लिया गया है.

दरअसल, जदयू पदाधिकारी नीरज कुमार ने जुमे की नमाज के लिए हिमंत सरकार के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि असम के सीएम को गरीबी उन्मूलन और बाढ़ पर ध्यान देना चाहिए. नीरज कुमार ने असम के सीएम के फैसले को देश के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया है. जदयू नेता ने कहा कि देश के हर नागरिक को उनके धार्मिक विश्वास और परंपराओं को संरक्षित करने का अधिकार है.

उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री सरमा से पूछना चाहता हूं कि आप रमजान के दौरान शुक्रवार की छुट्टियों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इससे कार्य कुशलता बढ़ेगी, तो फिर क्या आप मां कामाख्या मंदिर में बलि की प्रथा पर प्रतिबंध लगा सकते हैं, जबकि मां कामाख्या मंदिर हिंदू परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसी के साथ जदयू नेता केसी त्यागी ने भी असम सीएम के निर्णय की आलोचना की है.

उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि भारत की संविधान की प्रस्तावना में विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और पूजा की स्वतंत्रता का प्रावधान है. ऐसे में किसी को भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे संविधान की भावना और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे.

वहीं एलजेपी के दिल्ली अध्यक्ष ने भी हिमंत सरकार के निर्णय पर सवाल उठाया है और आपत्ति जताते हुए कहा है कि सभी की धार्मिक प्रथाओं की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए. बता दें कि बिहार की दोनों ही पार्टियों ने हाल ही में लेटरल एंट्री पर भी बीजेपी सरकार के फैसले का विरोध किया था. साथ ही कई ऐसे मौकों पर देखा गया कि दोनों ही पार्टियों ने बीजेपी के फैसले पर असहमति जताई है.

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