नीतीश कुमार के बेटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठे जदयू कार्यकर्ता, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Amanat Ansari 28 Dec 2025 03:37: PM 1 Mins
नीतीश कुमार के बेटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठे जदयू कार्यकर्ता, उग्र आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली: बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में उतारने का दबाव लगातार बढ़ रहा है. इसी सिलसिले में रविवार 28 दिसंबर को पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने 12 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि निशांत कुमार शिक्षित हैं, सादगी भरा जीवन जीते हैं और उनकी छवि बेहद स्वच्छ है. उनके आने से जदयू को नई पीढ़ी का मजबूत और स्थिर नेतृत्व मिलेगा. जमीनी कार्यकर्ताओं में लंबे समय से यह भावना है कि पार्टी की कमान अब युवा हाथों में सौंपनी चाहिए और निशांत इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं.

धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा. अगले चरण में 24 घंटे की भूख हड़ताल जेपी गोलंबर पर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के सामने की जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे.

प्रदर्शनकारियों ने नीतीश कुमार को 'अभिभावक' कहकर भावुक अपील की कि पार्टी और राज्य के हित में निशांत को राजनीति में आने की इजाजत दी जाए. उनका मानना है कि निशांत अगर नेतृत्व संभालेंगे तो कार्यकर्ता पूरी ताकत से उनके साथ खड़े होंगे और संगठन को ताजा ऊर्जा मिलेगी.

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मांग को समर्थन दिया है. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि कार्यकर्ता और शुभचिंतक निशांत को पार्टी के लिए काम करते देखना चाहते हैं. वहीं, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने निशांत की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि वे युवाओं को जोड़ने और संगठन को मजबूत करने में सक्षम हैं.

हालांकि, दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि राजनीति में प्रवेश का अंतिम निर्णय निशांत कुमार का ही होगा. यह घटनाक्रम बिहार की सियासत में उत्तराधिकार और नई पीढ़ी के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को और गति दे रहा है.

JDU protest Patna Nishant Kumar JDU Nitish Kumar

Recent News