झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिला न्यायालय को बम से उड़ने को धमकी मिली है. डाक के द्वारा पत्र न्यायालय को भेजा गया था, जिसमें लिखा है कि जिला कोर्ट लखनऊ में आदित्य चतुर्वेदी ने कई मुकदमों में हमारे कौम के बेगुनाह लोगों को फंसाया है और सजा सुनाई है, इससे उनके घर तबाह हो गए हैं. हम कई लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. बस मौके की तलाश है. 30 अप्रैल तक इनके कोर्ट परिसर को बम से उड़ा देंगे. धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
झांसी के एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में आदित्य चतुर्वेदी विशेष न्यायाधीश है. 16 अप्रैल को धमकी भरा पत्र न्यायालय में भेजा गया था. यह पत्र डाक के द्वारा भेजा गया था, जहां भेजने वाले का नाम मोहम्मद सलीम मंसूरी लिखा था. पत्र मिलने के बाद 17 अप्रैल को जिला कोर्ट ने इसकी सूचना एसपी सिटी को दी. पुलिस ने तत्काल सख्ती दिखाते हुए आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है, इसके साथ ही मामला दर्ज करते हुए छानबीन में जुड़ गई है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह पत्र कचहरी परिषद स्थित डाकघर से भेजा गया है. समय इत्यादि की जानकारी मिल गई है.
जज की बढ़ाई गई सुरक्षा
पत्र में लिखा हुआ है कि जिला कोर्ट लखनऊ में आदित्य चतुर्वेदी ने कई मुकदमों में बेगुनाह कौम के लोगों को फंसाया है. हम सभी लोग कई दिनों से उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. मौके की तलाश है. 30 अप्रैल तक कोर्ट परिसर में उनको बम से उड़ा देंगे. पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि मेरे आका का हुक्म है. गर्दन तन धड़ से अलग करना है. सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि डाक द्वारा भेजे गए पत्र की जांच की जा रही है. प्रथम दृष्ट्या किसी शरारती तत्वों के द्वारा भेजा हुआ प्रतीत हो रहा है. जज की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.