मेरठ: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई. मेरठ में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के जूनियर इंजीनियर योगेंद्र सिंह को ठेकेदार से एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए मंगलवार दोपहर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया. उनके निजी ड्राइवर नीरज पाल को भी मौके से पकड़ा गया. बागपत के राजा मिहिर भोज डिग्री कॉलेज, बेगमाबाद पाबला के निर्माण कार्य का ठेका चौधरी एसोसिएट फर्म को मिला था.
फर्म के संचालक रालोद महासचिव सत्येंद्र सिंह तोमर ने 2023 में काम पूरा कर दिया था, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा था. कुल 25 लाख रुपए का बिल लंबित था. आरोप है कि जूनियर इंजीनियर योगेंद्र सिंह ने बिल पास कराने के एवज में पहले पौने दो लाख रुपए रिश्वत मांगे, बाद में एक लाख रुपए पर बात तय हुई.
ट्रैप कैसे लगाया?
ठेकेदार सत्येंद्र सिंह ने 10 दिन पहले एंटी करप्शन विभाग में लिखित शिकायत की. टीम ने केमिकल लगे नोट देकर ट्रैप बिछाया. मंगलवार को जब ठेकेदार ने रिश्वत दी, तो इंजीनियर अपने ड्राइवर के साथ कार्यालय (जागृति विहार) के गेट पर आया. जैसे ही रकम हाथ लगी, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया. रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई.
मेडिकल थाने में दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान जूनियर इंजीनियर योगेंद्र सिंह, प्राइवेट ड्राइवर नीरज पाल के रूप में हुई है. ठेकेदार सत्येंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी जानबूझकर फाइलें लटकाकर ठेकेदारों का शोषण करते हैं और रिश्वत वसूलते हैं.