कोटद्वार: वह शख्स जो एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में अकेले खड़ा हो गया था और वायरल वीडियो में खुद को ''मोहम्मद दीपक'' कहकर देशभर में चर्चा का विषय बन गया, अब आर्थिक तंगी और दबाव की वजह से अपना जिम बंद करने की कगार पर पहुंच गया है. 42 वर्षीय दीपक कुमार, जिनका जिम हल्क नाम से कोटद्वार में चल रहा था, ने आरोप लगाया है कि जनवरी में बजरंग दल के साथ हुई झड़प के बाद भाजपा और बजरंग दल से जुड़े लोग उनके जिम के सदस्यों को डराकर भगा रहे हैं.
परिणामस्वरूप जिम में सदस्यों की संख्या घटकर 60-65 रह गई है, जिससे मासिक 40 हजार रुपए का किराया भी चुकाना मुश्किल हो गया है. दीपक ने बताया कि चार महीने का किराया बकाया होने पर मकान मालिक ने अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने कहा, ''बजरंग दल के डर से लोग जिम नहीं आ रहे. अब जिम के उपकरण बेचकर शहर छोड़ किसी नौकरी की तलाश करूंगा.'' मकान मालिक रवि कुमार मनराल ने हालांकि दावा किया कि उन्होंने जिम खाली करने को नहीं कहा है, बस किराए को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है.
क्या था पूरा मामला?
26 जनवरी को कोटद्वार में 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद की 'बाबा' नाम की दुकान को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति जताई थी. दीपक कुमार दुकानदार के समर्थन में पहुंचे और संगठन के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए. जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया- ''मेरा नाम मोहम्मद दीपक है. मैं पहले इंसान हूं.''
यह वीडियो वायरल होने के बाद दीपक को न सिर्फ सराहना मिली, बल्कि विरोध और दबाव भी झेलना पड़ा. पुलिस ने इस मामले में तीन FIR दर्ज की थीं, जिसमें दीपक पर भी केस दर्ज हुआ. उन्होंने हाईकोर्ट का भी रुख किया, लेकिन याचिका खारिज हो गई. दीपक कुमार ने अब दावा किया है कि उनके जिम के सदस्यों के घर जाकर उन्हें जिम आने से रोका जा रहा है, खासकर उन परिवारों में जहां माता-पिता भाजपा से जुड़े हैं.
पुलिस ने अभी तक दीपक की इस नई शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह घटना उत्तराखंड के कोटद्वार में सामाजिक तनाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दी है.