महाकुंभ के चलते प्रयागराज में भारी जाम लगा हुआ है. आलम ये है कि स्थानीय लोग संगम से अपने घर तक जहां 20 से 25 मिनट तक पहुंचते थे अब उन्हें 2 से 3 घंटे जाम में ही बिताने पड़ रहे हैं. सैकड़ों किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी हुई है. प्रशासन और श्रद्धालु समेत अन्य लोगों के भी अब लम्बे जाम को देखते हुए पसीने छूट रहे हैं. लम्बे जाम के चलते लोगों को मजबूरी में पैदल चलना पड़ रहा है.
खबरों की माने तो बिहार से आने वाले भारी वाहनों को यूपी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गयी. जिससे बिहार में भी अब भारी जाम की स्थिति बन चुकी है. यही नहीं पटना और कैमूर में भी गाड़ियों की लम्बी लाइने लगी हुई हैं. महाजाम का आलम ये है कि आरा और छपरा तक गाड़ियां फंसी हुई हैं. रेंगते रेंगते गाड़ियां आगे चल रही हैं. रविवार को भी सुबह से लेकर रात तक भीषण जाम रहा.
महाकुंभ जाने-आने वाले वाहन और विवाह-लगन के वाहनों की भी लम्बी लाइने लगी रही. गाड़ियों के साथ सामान ले जाने ट्रक भी जाम में फंसे रहे. ऐसा बताया गया कि बिहटा से आरा तक 26 किलोमीटर जाने में चार से छह घंटे का समय लग रहा था. यहां तक कि पैदल चलना भी लोगों को भारी पड़ रहा है.
यही नहीं दिल्ली से कोलकाता जाने वाली NH-19 पर बिहार से यूपी जाने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर शनिवार की शाम को रोक लगाया गया था. जिससे कैमूर में महाजाम लगा रहा. यूपी-बिहार के बॉर्डर पर जाम का सिलसिला शुरू हुआ तो कैमूर में 40 से 50 किलोमीटर तक महाजाम लग गया.
दूसरी ओर प्रयागराज की बता करें तो बीते दिनों वाराणसी प्रयागराज के नेशनल हाईवे पर लाला नगर टोल पर कुछ दिनों पहले लम्बा जाम लगा था, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही थी. नतीजा प्रशासन ने टोल फ्री कर दिया, ताकि गाड़ियां न रुके, तेजी में गाड़ियां निकलती रहे.
कुछ ही घंटे में स्थिति काबू में आ गई थी, लेकिन इससे राजस्व का नुकसान भी होता है, पर राजस्व से ज्यादा हर सरकार को लोगों की जान की फिक्र करनी चाहिए, एक तरफ पहले भगदड़ की वजह से कईय़ों की जानें गई, उसके बाद आग लगने की कई घटनाएं सामने आई. . फिलहाल प्रशाशन हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां और पुख्ता कर रहा है. ताकि आने वाले समय में लोगों को किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े.