कौशाम्बी : उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के सिराथू में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. आरोप है कि मुस्लिम युवती नगमा ने सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए हिंदू युवक शनि के साथ विवाह मंडप में बैठकर शादी की रस्में पूरी कर लीं, जबकि उसका रिश्ता पहले से रायबरेली में तय था. मामला सामने आते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए.
जानकारी के अनुसार, सामूहिक विवाह समारोह में बड़ी संख्या में जोड़ों का पंजीकरण हुआ था. आरोप है कि तय दूल्हा कार्यक्रम में नहीं पहुंचा, जिसके बाद सरकारी आर्थिक सहायता का लाभ दिलाने के लालच में बिचौलिए अमरजीत ने हिंदू युवक शनि को मंडप में बैठा दिया. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जब शनि के परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर हंगामा कर दिया और पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की.
जांच के दौरान प्रशासन को प्रारंभिक स्तर पर अनियमितताओं के संकेत मिले, इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने संबंधित विवाह का पंजीकरण निरस्त कर दिया. पुलिस ने युवती नगमा, उसकी मां और कथित बिचौलिए अमरजीत के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में दस्तावेजों में हेराफेरी, गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने या अन्य किसी प्रकार की धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि योजना का लाभ लेने के लिए किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे.