लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आजमगढ़ जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और भू-माफिया कृष्णचंद्र राय उर्फ केसी राय पर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कसा है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केसी राय की करीब 10 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को पूरी तरह कुर्क कर लिया है। इस कार्रवाई की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि पुलिस ने आरोपी के घर पर ढोल-नगाड़े और बैंड-बाजा बजवाकर पूरे इलाके में मुनादी कराई और कुर्की की विधिक प्रक्रिया को अंजाम दिया।
फर्जी खतौनी से ठगी और 16 मुकदमों का इतिहास
मूल रूप से बरदह थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर फेटी गांव का निवासी कृष्णचंद्र राय उर्फ केसी राय बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। वह वर्तमान में आजमगढ़ शहर के कोडर अजमतपुर (थाना कोतवाली) में एक आलीशान मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रह रहा था। केसी राय पर आरोप है कि उसने फर्जी खतौनी और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे कई सीधे-साधे लोगों को जमीन बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। उसकी आपराधिक और गैंगस्टर गतिविधियों के कारण जिले के कप्तानगंज, कंधरापुर, नगर कोतवाली और बिलरियागंज थानों में धोखाधड़ी समेत कुल 16 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह फिलहाल जेल में बंद है और उसे सुरक्षा कारणों से अंबेडकरनगर जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया है।
अपराध की कमाई से खड़ी की 10 करोड़ की अचल संपत्ति
पुलिस जांच में यह बात साबित हुई है कि केसी राय ने साल 2012 से ही अपराध जगत में कदम रखकर अवैध धन अर्जित करना शुरू कर दिया था। उसने छल, कपट और संगठित अपराध के जरिए आसपास के लोगों की कीमती जमीनें हड़पीं और कुल पांच गाटा संख्याओं पर अवैध रूप से कब्जा करके आलीशान मकान खड़े कर लिए। जब पुलिस ने उसकी वैध आय के स्रोतों की पड़ताल की, तो करोड़ों की इस संपत्ति का कोई भी कानूनी जरिया सामने नहीं आया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) से इस हड़पी गई भूमि का सीमांकन और मूल्यांकन कराया गया, जिसमें इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई।
सीजेएम कोर्ट के आदेश पर एसएसपी ने बैठाई सख्त कार्रवाई
इस बड़े एक्शन की विधिक आधारशिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सत्यबीर सिंह के आदेश से रखी गई। सीजेएम कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत माफिया की इस अवैध संपत्ति को कुर्क करने का सख्त सरकारी आदेश जारी किया। इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को इस कुर्क संपत्ति का आधिकारिक प्रशासक (रिसीवर) नियुक्त कर दिया है।
अदालत से हरी झंडी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर कुर्की करने के निर्देश जारी किए। रविवार को जब ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ पुलिस टीम कोडर अजमतपुर पहुंची, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बकायदा लाउडस्पीकर से घोषणा कर इस अवैध साम्राज्य को सरकारी नियंत्रण में ले लिया।