उत्तर प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण शहर लखनऊ और कानपुर के बीच सफर अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने वाला है। लंबे समय से इंतजार के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोले जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई से शुरू हो सकता है, जबकि टोल वसूली अगले दिन से लागू की जाएगी।
यह एक्सप्रेसवे न केवल दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम करेगा, बल्कि रोजाना लाखों यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगों और माल परिवहन को भी बड़ी राहत देगा। वर्तमान में कानपुर-लखनऊ हाईवे पर भारी ट्रैफिक और जाम के कारण यात्रियों को घंटों का समय लग जाता है, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।

फिलहाल लखनऊ से कानपुर पहुंचने में ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार करीब 2 से 3 घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यही सफर केवल 30 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
इससे रोजाना नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही भी तेज और सुगम हो जाएगी।

प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार निजी कार चालकों को एक तरफ की यात्रा के लिए करीब ₹275 चुकाने होंगे। यदि 24 घंटे के भीतर वापसी करते हैं तो लगभग ₹415 का टोल देना होगा।
इसके अलावा नियमित यात्रियों के लिए वार्षिक FASTag पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रति यात्रा की लागत काफी कम हो जाएगी। अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए टोल दरें अलग होंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। तेज कनेक्टिविटी के कारण निवेश बढ़ने, लॉजिस्टिक्स लागत कम होने और आसपास के क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। इसके अलावा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम होगा।