आगरा: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता पाने के चक्कर में मर्यादा भूलना और भड़काऊ बयानबाजी करना एक युवक को बेहद भारी पड़ गया है। उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अत्यंत अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने वाले आरोपी रफीक को आगरा पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जो युवक चंद दिनों पहले तक वीडियो में 'शेर' बनकर गालियां बक रहा था, पुलिस की कस्टडी में आते ही उसकी सारी गुंडागर्दी काफूर हो गई और वह गिड़गिड़ाने पर मजबूर हो गया।
वायरल वीडियो का पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान
यह पूरा मामला आगरा जिले के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र का है। दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा था। इस वीडियो में रफीक, जिसका नाम राहिल मलिक भी बताया जा रहा है, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बेहद भद्दी, अमर्यादित और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। वीडियो में वह खुलेआम जहर उगलते हुए अपनी सनक दिखा रहा था। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ऐसा अमर्यादित वीडियो सामने आते ही आगरा पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। पुलिस ने किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना मामले का खुद (स्वतः) संज्ञान लिया।
लोकेशन ट्रेस कर घर से दबोचा, थाने में खुली पोल
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सक्रिय हुई साइबर टीम ने तकनीकी मदद से आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद एत्माद्दौला थाना पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर रफीक उर्फ राहिल मलिक को धर दबोचा। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी का सारा नशा हिरन हो गया।
हवालात की सलाखें देखते ही मुख्यमंत्री को गालियां देने वाले रफीक की हेकड़ी एक झटके में गायब हो गई। पुलिस कस्टडी से आरोपी का एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पूरी तरह डरा और कांपता हुआ दिखाई दे रहा है। वह पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा है और कह रहा है, ‘साहब… वो वीडियो मैंने ही बनाया था, मुझसे बहुत बड़ी भूल हो गई है, मुझे कृपया माफ कर दो।’
कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को पुलिस की दो टूक
इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई के जरिए आगरा पुलिस ने समाज और सोशल मीडिया पर सक्रिय अराजक तत्वों को एक कड़ा संदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में प्रदेश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने या किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।