अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट ने इस प्रतिष्ठित पद के लिए योग्य और अनुभवी उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। यह नियुक्ति मंदिर के प्रशासनिक संचालन को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी तथा पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 तय की गई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए CEO के नाम की घोषणा की जाएगी।
राम मंदिर के निर्माण और संचालन से जुड़े कार्य लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रस्ट एक ऐसे अधिकारी की तलाश में है जो प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव रखता हो तथा मंदिर परिसर के समग्र प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाल सके।

ट्रस्ट द्वारा जारी पात्रता के अनुसार उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं को पूरा करना होगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO को मंदिर के दैनिक प्रशासन से लेकर विभिन्न विकास कार्यों की निगरानी तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी।

ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार CEO का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। वेतन पहले से निर्धारित नहीं किया गया है। चयनित उम्मीदवार के अनुभव और जिम्मेदारियों को देखते हुए ट्रस्ट आपसी सहमति से वेतन तय करेगा।
CEO की नियुक्ति के लिए ट्रस्ट ने एक तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया है। समिति प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और योग्य उम्मीदवारों को बातचीत (Interaction/Interview) के लिए बुलाया जाएगा।
चयन समिति में शामिल हैं:
इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद समिति अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके आधार पर अंतिम नियुक्ति की जाएगी।

इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ट्रस्ट आवेदन प्राप्त करने के लिए आधिकारिक ईमेल व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
हाल के दिनों में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव हुए हैं। ऐसे समय में CEO की नियुक्ति को मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नए CEO के जिम्मे मंदिर के प्रशासन, विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े अहम निर्णयों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी होगी।