जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Janata Party (CJP) का प्रदर्शन अनोखे अंदाज में चल रहा है। जहां एक तरफ लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 15वें दिन भी अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं, वहीं ठीक उसी स्टेज पर CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया जोर-शोर से डांस कर रहे हैं।
दहिया के इन एनर्जेटिक डांस वीडियोज सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं। खुद को "दुनिया का पहला डांसिंग एक्टिविस्ट" बताते हुए विजेता दहिया ने कहा, "नाचना कोई व्याकुलता नहीं, बल्कि ब्राह्मणवाद के खिलाफ प्रतिरोध का हथियार है।"
क्या कहते हैं विजेता दहिया?
"सोनम सर हमारे डांस का आनंद लेते हैं और हमें मोटिवेट करते हैं। वे कभी नाराज नहीं हुए।"
"डांस निचली जाति से जुड़ा माना जाता था, मैं इसी परंपरा को तोड़ रहा हूं।"
"आंदोलन में गुस्से के साथ उम्मीद और खुशी भी जरूरी है। नाच हमें पॉजिटिव एनर्जी देता है।"
विवाद क्यों?
पिछले हफ्ते CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के अनशन स्थल पर कचौड़ी-नूडल्स खाते देखे जाने के बाद से पार्टी की छवि पर सवाल उठ रहे थे। अब विजेता दहिया के डांस ने विवाद को और हवा दे दी है। सोशल मीडिया यूजर्स पूछ रहे हैं — क्या भूखे कार्यकर्ता के बगल में डांस करते हुए आंदोलन को गंभीरता से लिया जा सकता है?
विजेता दहिया ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि कला हमेशा से जन आंदोलनों का हिस्सा रही है। उन्होंने भगत सिंह का उदाहरण भी दिया, जिन्हें संगीत और नाटक पसंद थे।
एक तरफ मौन अनशन, दूसरी तरफ नृत्य — जंतर मंतर का यह प्रदर्शन अब दो अलग-अलग तस्वीरों के लिए याद किया जाएगा। एक तरफ त्याग और समर्पण, दूसरी तरफ आनंद और प्रतिरोध।