तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में एक बार फिर तीखी बढ़ोतरी हो गई है. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में फैले अमेरिकी ठिकानों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. ईरानी सेना का दावा है कि उसने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, ड्रोन बेड़े, रडार साइट्स और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है.
ईरान के हमले कहां-कहां?
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने आगे हमले किए तो और भी गंभीर जवाब दिया जाएगा. अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने रविवार को ईरान के मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस और स्पीडबोट्स पर हमले किए थे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें कड़ी ठोकर दे रहे हैं." अमेरिका का कहना है कि ये हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी थे.
हॉर्मुज संकट गहराया
ईरान ने हाल ही में पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी बनाकर जलडमरूमध्य में आवाजाही पर नियंत्रण की कोशिश की है. ईरान का दावा है कि अमेरिकी गतिविधियों के कारण फिलहाल स्ट्रेट से गुजरना असंभव है, जबकि अमेरिका इसे खारिज करते हुए कह रहा है कि यातायात जारी है. यह ताजा हमला पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते की उम्मीदों पर भी पानी फेर रहा है. क्षेत्रीय देशों में चिंता बढ़ गई है. कतर, ओमान, बहरीन और UAE समेत कई जगहों पर हवाई हमलों की खबरें हैं और कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है.