तेहरान: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देखे गए रहस्यमयी नकाबपोश व्यक्ति को लेकर दुनिया भर में अटकलें लगाई जा रही थीं. अब इस रहस्य का खुलासा हो गया है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काला फेस मास्क और बेसबॉल कैप पहने वह व्यक्ति खामेनेई का सबसे बड़ा पोता मोहम्मद जवाद खामेनेई था, न कि उनका बेटा मोजतबा खामेनेई.
क्यों लगाया था नकाब?
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में खामेनेई के आवास पर हुए हमले में मोहम्मद जवाद के चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं. चोटों के कारण उन्होंने जनाजे में अपना चेहरा पूरी तरह ढक रखा था. हमले के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं. हमले में वे भी घायल हुए थे, लेकिन दूसरे कमरे में होने के कारण जान बच गई.
अब तक उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान या वीडियो संदेश जारी नहीं किया है. खामेनेई का अंतिम संस्कार सुरक्षा कारणों से काफी देरी से हुआ. उनका शव चार महीने से ज्यादा समय तक कोल्ड स्टोरेज में रखा गया. गुरुवार को छह दिनों तक चले राजकीय शोक समारोह के बाद उन्हें मशहद में इमाम रजा दरगाह में दफनाया गया.
ईरानी मीडिया का दावा है कि शोक समारोह में करोड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. यह खुलासा उन अटकलों पर विराम लगा रहा है, जिनमें कई लोग मान रहे थे कि नकाबपोश व्यक्ति मोजतबा ही हैं. अब साफ हो गया कि वह उनके पोते थे, जिनके चेहरे पर हमले में गंभीर चोटें आई थीं.