पटना: गणित के मशहूर शिक्षक और कई बेस्टसेलर किताबों के लेखक प्रोफेसर केसी सिन्हा ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है. उन्होंने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया. बुधवार को पटना स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में केसी सिन्हा ने पार्टी जॉइन की. उनके साथ जन सुराज से चुनाव लड़ चुके बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह भी BJP में शामिल हुए.
क्यों लिया फैसला?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केसी सिन्हा ने साफ कहा, "करंट के विरुद्ध चलिएगा तो बहुत समय लगेगा. करंट के साथ चलिएगा तो..." उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार को और मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, "दुनिया में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. ऐसे में भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर फोकस करना होगा." सिन्हा ने याद दिलाया कि प्राचीन भारत नालंदा जैसी यूनिवर्सिटी के जरिए विश्व का शिक्षा केंद्र था और अब फिर वही स्थिति लानी है.
पिछले चुनाव का रिकॉर्ड
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में केसी सिन्हा कुम्हरार सीट से जन सुराज के टिकट पर लड़े थे, लेकिन मात्र 15 हजार वोट ही हासिल कर सके. अब बांकीपुर उपचुनाव से पहले उनका BJP में जाना प्रशांत किशोर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. केसी सिन्हा ने प्रशांत किशोर को शुभकामना देते हुए कहा कि वे बांकीपुर के वोटर नहीं हैं. यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है, खासकर जब उपचुनाव की सरगर्मी बढ़ रही है.