पुणे: लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बयान बदल रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि उसके दावों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में कई अहम विरोधाभास मिले हैं, जिनकी गहन पड़ताल की जा रही है.
पुलिस ने सिया और केतन के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई, जिसमें दोनों के बीच हुई चैट सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक, इन संदेशों से ऐसा प्रतीत होता है कि शादी से पहले दोनों के संबंध सामान्य और सौहार्दपूर्ण थे. बातचीत में दोनों एक-दूसरे के प्रति स्नेह और अपनापन जाहिर करते दिखाई देते हैं. यही वजह है कि पुलिस सिया के उस दावे को संदेह की नजर से देख रही है, जिसमें उसने कहा था कि वह शादी नहीं करना चाहती थी और इस बात की जानकारी पहले ही केतन को दे चुकी थी.
जांच टीम का कहना है कि यदि सिया के बयान सही होते, तो उनका कुछ न कुछ संकेत दोनों के बीच हुई बातचीत में भी दिखाई देता. हालांकि अब तक मिले चैट रिकॉर्ड से ऐसी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है. इसी कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में सिया ने यह भी कहा कि उसे केतन का गंजापन और बोलते समय हकलाना पसंद नहीं था. उसने दावा किया कि इस बारे में उसने अपने परिवार को भी बताया था, लेकिन परिवार ने इसे कोई बड़ी समस्या नहीं माना. वहीं जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सिया ने शादी से पहले अपनी वास्तविक भावनाएं छिपाकर केतन के साथ सामान्य व्यवहार किया था.
फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य फोरेंसिक तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.