लखनऊ : यूपी में नया माफिया कौन पैदा होने वाला है. पूर्वांचल से पश्चिम तक क्या चल रहा है. कहते हैं अपराध की दुनिया में जब कुर्सी खाली होती है तो कोई न कोई उसकी जगह जरूर लेता है, यूपी में श्रीप्रकाश शुक्ला का दौर गया, तो अतीक-मुख्तार और विकास दूबे जैसे माफिया पैदा हुए, जिन्हें योगी ने मिट्टी में मिला दिया. क्या अब उनकी जगह लेने की प्लानिंग कोई और कर रहा है और वो कौन है, जिसे न बुलडोजर से डर लगता है, न यूपी पुलिस के ऑपरेशन की उसे फिक्र होती है.
अतीक की पत्नी शाइस्ता लंबे वक्त से फरार है, मुख्तार की पत्नी आफ्शा अंसारी ढूंढे नहीं मिल रही, अतीक के बेटे जेल में बदले का प्लान बना रहे थे, यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने अपने दौर में कहा था यूपी में नए किस्म के माफिया अपना सिर उठाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आखिर वो कौन है. क्या शहर-शहर कोई साजिश रची जा रही है. प्रशांत कुमार ने कहा था ये नए तरीके के माफिया अच्छी पोजिशन पर रहते हुए गठजोड़ बनाते हैं. ये दुर्भाग्य है कि ये प्रजातंत्र के मूल स्तंभ से जुड़े हुए लोग हैं जो एक नेक्सस बनाकर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं. ये बहुत तरीके से हो रहा है. हर महानगर में हो रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई करने को कहा है. उस पर कार्रवाई की भी गई है और आगे भी की जाएगी.
पर क्या कार्रवाई पूरी हो चुकी है, या फिर अभी एक्शन बाकी है, क्या माफियाओं का सरगना सत्ता बदलने का इंतजार कर रहा है, धुरंधर मूवी में जो सीन दिखाया गया. यूपी की सत्ता के लिए पाकिस्तान कनेक्शन दिखाने की कोशिश हुई. क्या हकीकत में ऐसा कुछ होने वाला है या फिर वो बस फिल्मी कहानी थी. राम मंदिर बनने के बाद से दुनियाभर के दुश्मनों की नजर पर मोदी-योगी की चढ़ी हुई है, केन्द्र में सत्ता बदलने की बात जब बंद होती है, तो यूपी में योगी को बदलने की बात शुरू हो जाती है.
आम जनता से पूछा जाता है तो 10 में से 7 लोग योगी का समर्थन करते हैं, वो 10 में 12 नंबर योगी को देने को तैयार होते हैं. क्योंकि पुराने दौर की यूपी की तस्वीर जिसने भी देखी है, उसे ये पता है कि पहले की हालत क्या थी और अब की हालत क्या है, उसे पता है अब कैसे डिजिटल सर्विलांस से आरोपी तेजी से पकड़े जा रहे हैं. संपत्ति कुर्की से लेकर बुलडोजर एक्शन तक हो रहा है, जो माफिया बनने के लिए सिर उठाएगा, बड़ा नेटवर्क बनाने की साजिश करेगा, उसका हश्र क्या होगा, इसीलिए कई जगहों पर बदमाश छोटे-छोटे ग्रुप में बंट चुके हैं.
गाजियाबाद के खोड़ा में घटना हुई तो करीब 1600 अपराधियों के सत्यापन की बात सामने आई, थाने में उनकी लाइन दिखी, वो अपराध न करने की कसम खाते दिखे, जो ये बता रहा है कि यूपी में अपराध जगत की कुर्सी जो खाली हुई है, वो खाली ही रहेगी, क्योंकि योगी ने पहले कार्यकाल में बड़े माफियाओं पर शिकंजा कसा, दूसरे कार्यकाल में एक्शन में तेजी दिखाई, और छोटे-मोटे बदमाशों पर भी शिकंजा कसवाना शुरू कर दिया.
हर थाने में लिस्ट लगवाने के आदेश दिए, हिस्ट्रीशीटर हो या बड़ा बदमाश सबका इलाज कानून की भाषा में करवाने का संदेश दिया, जिसका नतीजा ये है कि आज यूपी में समर्थक चाहे किसी भी पार्टी का हो, वो एक ही बात कहता है बाबा ने कानून व्यवस्था को सही तरीके से संभाला है, और इसी अंदाज में बंगाल में सुवेंदु अधिकारी काम कर रहे हैं, असम में हिमंता बिस्वा सरमा काम कर रहे हैं, फिर भी कुछ लोग कानून तोड़ने की हिमाकत करते हैं तो थाने से लंगड़ाते हुए उनका वीडियो सामने आ जाता है, फिर भी आपके इलाके में अगर कोई खुद को माफिया समझ रहा, आम जनता को सता रहा तो उसका नाम बताइए, उसकी शिकायत पहुंचाइए.