ED क्यों पलट रही नवाब यादव की फाइल, क्या लखनऊ-सैफई तक पहुंचेगी जांच की आंच?

Global Bharat 14 Aug 2024 07:39: PM 2 Mins
ED क्यों पलट रही नवाब यादव की फाइल, क्या लखनऊ-सैफई तक पहुंचेगी जांच की आंच?

कन्नौज के नवाब सिंह यादव की जो फाइल योगी आदित्यनाथ पढ़ रहे हैं, क्या उससे भी बड़ी फाइल दिल्ली में इनकम टैक्स और ईडी की टीम पढ़ रही है, जिसमें ऐसे-ऐसे राज खुले हैं कि सुनकर आप भी हिल जाएंगे. यूपी पुलिस की आर्थिक शाखा के बड़े-बड़े अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो नवाब सिंह यादव 90 के दशक में साइकिल से चलता था, मुलायम से लेकर अखिलेश और डिंपल यादव तक का प्रचार स्कूटर से घूम-साइकिल से घूम-घूमकर करता था, वो 24 साल के भीतर करीब 200 करोड़ का मालिक कैसे बना.

अगर मोटा-मोटी गणित लगाएं तो हर साल नवाब सिंह यादव की कमाई करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये हुई, यानि एक महीने में एक करोड़ से ज्यादा. नवाब के पास बिजनेस के नाम पर होटल, ढाबा और कॉलेज कन्नौज में हैं, जहां से इतनी कमाई मुश्किल है. नवाब के पड़ोसी कहते हैं, कॉलेज के दिनों में जब ये नेता बना, तभी से खनन पर इसकी नजर थी. अवैध खनन से इसने खूब कमाई की है. पर कहते हैं हाथी के दांत दिखाने के कुछ और खाने के कुछ और होते हैं, इसीलिए इसने दिखाने के लिए एक ईंट भट्ठा भी खोला है, जहां से खूब कमाई होती है.

पर बड़ा सवाल ये है एक आम आदमी की जिंदगी जीने वाला और आज भी स्कूटर से चलने वाला नवाब इतना अमीर कैसे बना. ये सुनकर बड़ी-बड़ी एजेंसियों के होश उड़े हुए हैं. इसके करीबी लोग बताते हैं...नवाब ने सबसे पहले मकान बनवाया, करीब 10 करोड़ कीमत के उसके 2 आलीशान मकान कन्नौज में हैं. 30 करोड़ का होटल फिर करीब 20 करोड़ का कॉलेज खोला, जिसका उद्घाटन खुद अखिलेश ने किया था. नोएडा के एक 5 स्टार होटल में इसने पैसा लगाया है, कई शहरों में नवाब की फैक्ट्रियां भी चलती हैं.

कुल मिलाकर नवाब ने 300 करोड़ की संपत्ति इकट्ठा की है, जो एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख के लिए ईमानदारी से इकट्ठा करना मुश्किल है. नवाब अगर सांसद या विधायक भी रहा होता, तब भी इतनी प्रॉपर्टी पर सवाल उठते. इसीलिए यूपी पुलिस की टीम उसका इनकम टैक्स रिटर्न खंगालने में लगी है, ताकि ये पता चल सके कि इसने टैक्स देने में कोई झोल तो नहीं किया है. अगर टैक्स में गड़बड़ी की शिकायत मिली तो फिर इनकम टैक्स की एंट्री तुरंत हो सकती है और इनकम टैक्स न सिर्फ इससे पूछताछ कर सकती है, बल्कि अपने तरीके से इलाज भी कर सकती है.

बेनामी संपत्तियां जब्त भी कर सकती है, जबकि ईडी जैसे जांच एजेंसी, जो ज्यादातर मनी लाउंड्रिंग के मामले देखती है. केजरीवाल से लेकर मनीष सिसोदिया तक को जिसने गिरफ्तार किया, उसके अधिकारियों की ये सुनकर होश उड़े हुए हैं कि यूपी के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पास करीब 300 करोड़ की संपत्ति है. अलग-अलग शहरों में अघोषित संपत्ति न जाने कितनी होंगी. 

  • हर संपत्ति का लेखा-जोखा UP की राजस्व विभाग की टीम तैयार कर रही है, जिसे दिल्ली भेजा जा सकता है
  • इनकम टैक्स और ईडी की एंट्री होते ही नवाब की संपत्ति दिन-दुनी रात-चौगुनी बढ़ाने वाले बेनकाब हो जाएंगे
  • बिना किसी अधिकारी या नेता की मदद के कोई इतना बड़ा साम्राज्य इतनी जल्दी खड़ा नहीं कर सकता

जिस हिसाब से सपा ने नवाब से पल्ला झाड़ा है, उसके बाद से ऐसी चर्चा भी है कि नवाब कई बड़े राज खोल सकता है, जो कई बड़े लोगों की मुसीबतें बढ़ा सकता है. और नवाब ने जिस कॉलेज से अपने राजनीति की शुरुआत की थी. वही कॉलेज उसकी राजनीतिक जीवन के अंत की कहानी लिख सकता है.

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