नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में चीन ने अपने रंग दिखाना शुरू कर दिया था, चीन ने पाकिस्तान को अपने एयरफोर्स के स्टॉक से मिसाइल देकर बड़ी चाल चलने की कोशिश की थी, लेकिन अब भारत और अमेरिका ने मिलकर चीन के खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है कि ड्रैगन की ना सिर्फ मुसीबतें बढ़ी हैं, बल्कि उसका साम्राज्य भी पूरी तरह से खतरे में आ गया है.
ट्रेड वार में फंसेगा चीन!
जब से अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी हुई है, तभी से अमेरिका लगातार चीन पर टैरिफ बढ़ाता जा रहा है. जिसके बाद चीन ने भारत से भी ममद मांगी थी, लेकिन अब चीन ने पाकिस्तान को मिसाइल देकर अपना असली रंग दिखा दिया है, जिसके बाद भारत और अमेरिक ट्रेड एग्रीमेंट करने वाले हैं. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने खुद ऐलान किया है कि कई देशों की तरफ टैरिफ टालने के लिए बहुत अच्छे प्रस्ताव मिल हैं, लेकिन सबसे पहला एग्रीमेंट भारत के साथ किया जाएगा. बेसेंट ने सीएनबीसी से बातचीत करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि भारत के साथ ही हमारा पहला ट्रेड एग्रीमेंट किया जाएगा. अमेरिका के इस बयान के बाद से चीन की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं. क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप लगातार चीन पर हाई टैरिफ लगाते जा रहे हैं. इसकी वजह से चीन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है.
लेकिन भारत के साथ चीन का रिश्ता नई ऊंचाइयों को छू रहा है. इसी वजह से ये भी माना जा रहा है कि इस ट्रेड एग्रीमेंट के होने के बाद भारत को टैरिफ वार के खतरे से निजात मिल जाएगी. अमेरिकी मंत्री का कहना है कि जापान के साथ भी काफी अच्छी बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिका अपना पहला ट्रेड एग्रीमेंट भारत के साथ करना चाहता है.
पाकिस्तान का साथ देने पर फंसेगा चीन
चीन ने पाकिस्तान को परदे के पीछे से समर्थन करके चाल तो अच्छी चली थी, क्योंकि वो पाकिस्तान के कंधे पर बंदूक रख कर भारत पर निशाना साधने की साजिश रच रहा था. चीन की कोशिश थी कि भारत को युद्ध में फंसा कर खुद पूरे बाजार पर कब्जा कर लिया जाए. लेकिन भारतीय विदेश नीति ने ऐसी गुगली डाली है जिसेक आगे ड्रैगन क्लीन बोल्ड हो गया है.