कोलकाता : कभी यूपी में रोज़ ड्रामा होता था. एक पक्ष हमेशा बवाल करता था. आज यूपी में किसी की गर्मी मई-जून में भी नहीं दिखती है, क्योंकि बीते 9 साल से योगी आदित्यनाथ ने UP के लिए दिन-रात एक किया. यूपी में कभी माफियाओं का काफिला निकलता था, माफियाओं का मेला और रौला होता था, लेकिन अब योगी के हंटर के आगे किसी में हिम्मत नहीं बची. यूपी से भी बुरी स्थिति में बंगाल सुवेंदु को सौंपा गया है. जनता ने उम्मीद के साथ उन्हें CM की कुर्सी दी, लेकिन पहले ही हफ्ते में उन्हें घुसपैठियों और पत्थरबाज़ों ने एक तगड़ा संदेश भेजा.
नए नियम के मुताबिक अब बंगाल में UP की तरह लाउडस्पीकर शोर नहीं करेंगे. इसी नियम को लागू करवाने आसनसोल पुलिस जहांगीर मोहल्ले में पहुंची थी. शुक्रवार की देर रात पत्थरबाज़ों और घुसपैठियों ने बंगाल पुलिस को घेर लिया. रस्सी जली लेकिन ऐंठन नहीं गई, ममता के समर्थकों ने चौकी पर हमला किया.
ये लंगड़ाने की तस्वीर देखिए, ये पुलिस का एक्शन देखिए, मानो जैसे बंगाल UP बन गया है. आसनसोल दुर्गापुर इलाका हिंदुओं का इलाका है, इसके बाद भी इतनी हिम्मत आखिर आई कहां से. मस्जिद कमेटी और पुलिसकर्मी बात कर रहे थे तो फिर चौकी पर निशाना किसने बनाया, किसके इशारे पर बनाया इसकी जांच हो रही है. शांति के नाम पर अशांति फैलाने वाले लोगों का नाम क्या है.
पुलिस पर हमले की खबर लगते ही वहां पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है, अब घर से बाहर निकलने में भी लोग कांप रहे हैं, शायद ऐसे लोगों को यही पसंद होगा. पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ATS को जांच के लिए उतारा जाना चाहिए, पत्थरबाज़ पकड़े जाएं. हिंसा करने वालों की संपत्ति की जांच हो, बुलडोज़र कार्रवाई हो, एक्शन यूपी जैसा होना चाहिए.