नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बन चुका है. इसकी वजह से अगले चार दिनों तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में भारी बारिश हो सकती है. यह सिस्टम अगले 48 घंटों में और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा व पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा. इससे पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम खराब रहेगा.
ओडिशा में रेड अलर्ट
IMD ने ओडिशा के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. 29 और 30 अगस्त को कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (204.4 मिमी से अधिक) की आशंका है. बालासोर, भद्रक, ढेंकनाल, क्योंझरगढ़, मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.
अन्य राज्यों में भी अलर्ट
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, पश्चिमी मिदनापुर तथा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में भी अचानक बाढ़ व जलभराव का अलर्ट है. बिहार में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक अच्छी बारिश, पश्चिम बंगाल-झारखंड में 29-30 अगस्त को तेज बिजली कड़कने व बहुत भारी बारिश, ओडिशा में आंधी-तूफान के साथ 40-60 किमी/घंटा की हवाएं चलने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की संभावना नहीं, लेकिन उमस बनी रहेगी और तापमान सामान्य से अधिक रहेगा. पिछले 24 घंटों में ओडिशा के मयूरभंज में 16 सेमी, जम्मू-कश्मीर के रियासी, हरियाणा के कालका और बिहार के गया में 14 सेमी बारिश दर्ज हुई है. नागरिकों से अनुरोध है कि सतर्क रहें और आधिकारिक अलर्ट का पालन करें.