नई दिल्ली : देवरिया के सलेमपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर पार्टी नेतृत्व से जनता से माफी मांगने की मांग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी अय्याशी के लिए प्रदेश के खजाने में डकैती डालने का जो पाप किया गया, उसके लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना को करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाना था, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार ने इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए और इसके बावजूद परियोजना अधूरी रह गई. मुख्यमंत्री ने इसी को आधार बनाकर सपा पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपनी विचारधारा के मुखिया जयप्रकाश नारायण को भी नहीं बख्शा. योगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी परियोजना को तय लागत में पूरा किया जाना था तो कई गुना अधिक धन खर्च होने के बावजूद वह अधूरी कैसे रह गई.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा पर भ्रष्टाचार और लूट-खसोट की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना होगा कि पिछली सरकारों की कार्यशैली और वर्तमान सरकार के कामकाज में क्या अंतर है. योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा का मतलब ही लूट-खसोट और डकैतों का गिरोह है.
सलेमपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री ने विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब सरकारी धन का इस्तेमाल जनता के हित और विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है.