रामपुर/नई दिल्ली: जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दे पर समर्थक अब जंतर-मंतर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स में रविवार (30 अगस्त) को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक तीन घंटे के शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान किया गया है.
आजम खान अनऑफिशियल, अब्दुल्ला आजम अनऑफिशियल जैसे इंस्टाग्राम अकाउंट्स और कुछ फेसबुक पेजों पर लोगों से जंतर-मंतर अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है. पोस्ट्स में लिखा गया है कि यह किसी से टकराव नहीं, बल्कि इंसाफ, न्याय और हक की आवाज को मजबूत करने का आंदोलन है. इसमें आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम की तस्वीरें भी लगाई गई हैं.
क्यों बंद हैं आजम और अब्दुल्ला?
आजम खान और अब्दुल्ला आजम दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं. 2017 के उपचुनाव में अब्दुल्ला को रामपुर की स्वार सीट से उम्मीदवार बनाया गया था, तब उनकी उम्र को लेकर विवाद हुआ था. दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को सजा सुनाई थी.
जौहर यूनिवर्सिटी का विवाद
हाल ही में रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी में बिना नक्शा पास कराए बनाए गए 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. मंडलायुक्त ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी है, लेकिन इमारतों पर तलवार अभी भी लटक रही है. विश्वविद्यालय के छात्रों ने कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था. समाजवादी पार्टी ने भी डेलीगेशन भेजा था. समर्थक इस पूरे मुद्दे को न्याय, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई बता रहे हैं. हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इन वायरल पोस्ट्स की सत्यता की पुष्टि नहीं करता.