नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा गलियारे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बीच एक और LPG कार्गो जहाज 'जग वसंत' शुक्रवार को गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंच गया. इस जहाज पर कुल 42,000 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) थी, और जल्द ही इसका मिड-सी ट्रांसफर (समुद्र में स्थानांतरण) शुरू होने वाला है.
सोमवार को 'जग वसंत' के साथ एक और LPG टैंकर 'पाइन गैस' भारत की ओर रवाना हुआ था. दोनों जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने के लिए एक असामान्य रूट लिया. इंडिया टुडे ने खाड़ी में LPG टैंकरों की पोजीशन ट्रैक की और पाया कि ये जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के लिए पारंपरिक छोटे और सीधे रास्ते की बजाय केशम-लारक चैनल से गुजर रहे थे.
घर की ओर यात्रा शुरू करते समय दोनों जहाज एक-दूसरे के करीब चल रहे थे और उन्होंने अपने ऑनबोर्ड मैसेजिंग को बदल दिया. उन्होंने सामान्य पहचानकर्ताओं जैसे “IND SHIP AND CREW” और “ALL INDIA CREW” की जगह अधिक विशिष्ट सिग्नल जैसे “PINE GAS INDIAN SHIP” और “JGVASNTINDSHIPINDCRW” का इस्तेमाल शुरू कर दिया, खासकर लारक चैनल से गुजरते समय.
इससे संकेत मिलता है कि इन टैंकरों को होर्मुज पार करने की अनुमति पहले से ही ईरानी अधिकारियों से मिल चुकी थी और वे जानबूझकर अपनी पहचान स्पष्ट रूप से प्रसारित कर रहे थे ताकि चैनल से गुजरते समय निशाना बनाए जाने का खतरा कम हो.
इससे पहले, पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि 'जग वसंत' स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है और 26 मार्च को पहुंचने वाला था.
'जग वसंत' भारत पहुंचने वाला तीसरा भारतीय LPG टैंकर बन गया है. इससे पहले दो अन्य LPG टैंकर नंदा देवी और शिवालिक भी गुजरात के पोर्ट्स पर पहुंच चुके हैं. शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था, जबकि नंदा देवी एक दिन बाद यानी 17 मार्च को गुजरात के वडिनार पोर्ट पर पहुंचा. इन दोनों जहाजों में कुल 92,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG थी.