लखनऊ : अलीगंज में कोचिंग में आग लगने की घटना के बाद प्रयागराज में 30, वाराणसी में 8, गाजियाबाद में 62, कानपुर में 30 कोचिंग सील हो गए. शहर-शहर अधिकारियों को 3 बड़े आदेश मिले हैं. 48 घंटे में 8 एक्शन ने हलचल मचा दी है. भ्रष्ट ऑफिसर्स की ₹ नींद उड़ गई है. योगी के ताबड़तोड़ एक्शन के बीच अखिलेशराज की याद आ गई.
ये घटना है साल 2015 की. प्रतापगढ़ के एक होटल में लखनऊ जैसी घटना होती है. करीब 13 लोगों की मौत की ख़बर मीडिया में छपती है तब अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, लेकिन तब न तो वो योगी की तरह तुरंत वहां पहुंचते हैं और ना ही एक्शन इतना तेज होता है कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने का पुख्ता इंतजाम हो पाए, बल्कि अधिकारियों ने जांच की, फाइल सौंपी.
थोड़ी-बहुत कार्रवाई हुई और फिर उन फाइलों पर धूल पड़ने लगी, अधिकारियों को पैसा खिलाकर काम फिर से शुरू हो गया. कहीं बेसमेंट में कोचिंग तो कहीं बिना नियम पूरा किए होटल और तमाम बिल्डिंग चलने लगी. इसका कतई ये मतलब नहीं है कि क्लखनऊ में जो घटना हुई, उसके लिए सिर्फ अखिलेशराज की गलतियां जिम्मेदार हैं.
बल्कि सिस्टम की लापरवाही ने 15 जानें ली हैं, ये बात हर नेता और अधिकारी जानते हैं, लेकिन घटना के बाद एक्शन कैसे होता है. इसकी मिसाल हर बार सीएम योगी आदित्यनाथ ने पेश की है, इस बार भी उन्होंने लखनऊ में हुई घटना के 48 घंटे के भीतर जो 8 एक्शन लिए हैं, उसने भ्रष्ट अधिकारियों की नींद उड़ा दी है.
एक्शन नंबर 1- शहर-शहर अवैध कोचिंग के खिलाफ एक्शन शुरू हुआ, गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 62 कोचिंग सील हुई, प्रयागराज में 30, वाराणसी में 8 और कानपुर में 30 कोचिंग पर शिकंजा कसा, इनमें से किसी के पास एनओसी नहीं तो कोई नियम का पालन नहीं कर रहा था.
एक्शन नंबर 2- 4 गिरफ्तारियों के अलावा 19 ऐसे इंजीनियर की पहचान करवाई, जिन पर अवैध निर्माण को नजरअंदाज करने के आरोप हैं, इन पर एक्शन हो सकता है.
एक्शन नंबर 3- बेसमेंट में न तो कोई कोचिंग चलेगा और ना ही कोई कॉमर्शियल गतिविधि पूरे यूपी में चलेगी, इसका आदेश योगी सरकार ने जारी किया, और पालन करवाने के आदेश अधिकारियों को दिए.
एक्शन नंबर 4- अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था, ऊपर से लेकर नीचे तक किस-किस पर एक्शन होना चाहिए, इसकी जांच के लिए SIT बनाई, जिसे 7 दिन का वक्त दिया.
एक्शन नंबर 5- एलेन कोचिंग हो या आकाश या फिर खान सर जैसे ब्रांड का संस्थान, जहां भी नियम का पालन होता नहीं दिखा, सब पर ताला लगाने का आदेश दिया गया, किसी को बख्शा नहीं जा रहा.
एक्शन नंबर 6- मिर्जापुर में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर सील किए जाने की ख़बर आई, इसके अलावा जौनपुर और चंदौली में भी जांच अभियान जोरों पर है.
एक्शन नंबर 7- जिस बिल्डिंग में ये घटना हुई, उसकी पूरी कुंडली खंगाली गई, बुलडोजर एक्शन का आदेश जारी हुआ, और मालिक को गिरफ्तार कर तत्काल जेल भेजा गया.
एक्शन नंबर 8- जांच टीम को साफ आदेश है, सिर्फ फायर NOC चेक नहीं करना है बल्कि अवैध निर्माण, भवन उपयोग, रजिस्ट्रेशन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं की पूरी तरह से जांच कर रिपोर्ट सौंपना है.
एक्शन का सीधा सा मतलब ये हुआ कि अगर किसी इलाके में गलती से भी कोई घटना होती है, और किसी अधिकारी की लापरवाही मिलती है तो उस पर बड़ा एक्शन होना तय है, जो ये बता रहा है कि 15 लोगों की मौत को योगी सरकार ने सबक के तौर पर लिया है, उनकी जिंदगियां नहीं लौटाई जा सकती, लेकिन आगे ऐसी घटना न हो, ऐसा सिस्टम जरूर बनाया जा सकता है. इसलिए अगर आपके यहां भी नियमों का उल्लंघन करते हुए, कोई बेसमेंट में कोचिंग चला रहा है, तो उसकी सूचना तुरंत दें, ताकि एक्शन हो सके.