नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयादशमी के पावन अवसर पर एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन से लौटते समय एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कच्चे पुल पर फिसलकर नदी में गिर पड़ी, जिसमें सवार 20 से अधिक ग्रामीण बह गए. अब तक 11 शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें आठ नन्ही लड़कियां शामिल हैं. दावा किया जा रहा है कि इस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई है. इनमें ज्यादातर बच्चियां हैं.
बचाव अभियान तेजी से चल रहा है, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. यह दर्दनाक हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के अर्दला गांव के निकट जमाली इलाके में आबना नदी के किनारे घटी. स्थानीय निवासियों के अनुसार, देवी की मूर्ति को विसर्जित करने के बाद लौट रही ट्रॉली पर सवार ज्यादातर आदिवासी समुदाय के लोग थे. ट्रॉली की ऊंचाई बढ़ाने के लिए लगाई गई जाली ने दुर्भाग्य से फंसने का काम किया, जिससे लोग पानी से बाहर नहीं निकल पाए.
ग्रामीणों की मदद से राहत दल ने शुरुआती शव बरामद किए, लेकिन गहरे पानी की वजह से चुनौतियां बरकरार हैं. मौके पर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय सहित प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हुए हैं. एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें ड्रोन और गोताखोरों की सहायता से तलाशी चला रही हैं. एक समानांतर घटना उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र में भी सामने आई, जहां चंबल नदी में ट्रॉली गिरने से और हताहत हुए.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विपदा पर गहरा शोक जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया. साथ ही, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए.
सीएम ने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि घायल जल्द स्वस्थ हों और शोकग्रस्त परिवारों को धैर्य मिले. प्रशासन ने सभी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान ऐसी त्रासदी न दोहराए. यह हादसा न केवल खंडवा बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर गया है, जहां उत्साह के बीच सुरक्षा के उपायों की कमी उजागर हो गई.