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नई दिल्ली: दबगं योगी के नाम से मशहूर, ऑपरेशन लंगड़ा के जनक, बुलडोजर के ब्रांड एंबेसडर, योगी आदित्यनाथ अब सनातन के भी ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं. आपकी रफ्तार इतनी तेज होनी चाहिए कि दुश्मन भी आपका पीछा न कर पाए, अखिलेश यादव के लाख प्रयासों के बावजूद योगी ने ऐसा कारनामा कर दिया कि दुनिया का हर नेता महाकुंभ आयोजन से आश्चर्यचकित है. तो योगी को हर कोई नंबर दे रहा है, पहला नंबर आरएसएस देगा, आरएसएस की मुहिम में दो शब्दों पर बहुत जोर होता है, गंगा और गाय.
योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के संगम किनारे सनातन को एक करने की जो मुहिम कुछ महीने पहले छेड़ी थी उसे इतनी आसानी से हासिल कर लेंगे, इसका अंदाजा आरएसएस को भी नहीं था. महाकुंभ में भक्तों की भीड़ में कौन किस जाति का था, पता नहीं चला. यादवजी गमछा हाथ में लिए शुक्ला जी को गंगा में स्नान करवा रहे हैं, क्योंकि योगी ने जातियों में बंटे हिंदुओं को महाकुंभ लाकर एक कर दिया.
आरएसएस ने ये भी देखा कि जब हिंदुओं को भगदड़ के दौरान चोट लगी, तो उनका कार्यकर्ता जो फिलहाल यूपी का मुख्यमंत्री है, उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं. पिछले 6 महीने से योगी आदित्यनाथ महाकुंभ पर ही फोकस हैं, इस कारण यूपी में कई विकास कार्य और संभल जैसी कई जिलों की फाइल योगी नहीं खोल पाए हैं. इसलिए महाकुंभ खत्म होते ही आरएसएस योगी की पीठ थपथपाएगा, जब पीठ थपथपाएगा तो बीजेपी में भी योगी का कद भी आरएसएस ही बढ़वाएगा. इसलिए आरएसएस योगी को 10 में से 10 नंबर देने जा रहा है.
अब सवाल है PM नरेन्द्र मोदी औऱ गृहमंत्री शाह की जोड़ी योगी को कितना नंबर देने जा रही है? तो बात पहले शाह की करते हैं, देश के गृहमंत्री को ये बात बहुत भली-भांति पता थी कि महाकुंभ पर दुश्मनों की नजर है, देश के हर दुश्मन को ऐसा लग रहा है कि योगी के महाकुंभ में कांड करके मोदी-शाह और योगी की तिकड़ी को टुकड़ों में बांट देंगे. इसलिए योगी ने जिस हिसाब से कानून व्यवस्था बनाए रखी. महाकुंभ से पहले 1 लाख से ज्यादा संदिग्ध लोगों का वेरिफिकेशन करवाया, और बड़े हमले की गुंजाइश के ऊपर बुलडोजर चला दिया.
अमित शाह भी योगी को भगदड़ के 2 अंक आकर 8 नंबर दे सकते हैं.
अब आते हैं अमित शाह के भी गुरु और योगी के भी राजनीतिक गुरु नरेन्द्र मोदी पर, पीएम मोदी को तीन बातें बहुत पसंद हैं, पहली बात वो मुख्यमंत्री जो राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ाए, दूसरी बात जो साफ-सुथरी राजनीति करे, जैसे योगी ने सदन के भीतर ये कहा कि महाकुंभ कोई सरकार का आयोजन थोड़ी है, ये तो सामाजिक आयोजन है, सरकार तो सेवक है. आप सुनिए योगी को फिर बताते हैं मोदी ने कितने नंबर दिए.
यानि योगी आदित्यनाथ ने खुलकर न सिर्फ सरकार चलाई, बल्कि सनातन एकता का जो संचार ने विश्व में फैलाया, उससे भारत का मान बढ़ा है. जैसे मोदी ने साल 1992 में श्रीनगर के लाल चौक पर एक कीर्तिमान स्थापित किया, वैसे ही योगी ने महाकुंभ का भव्य आयोजन करवाकर नया कीर्तिमान बना दिया, पीएम मोदी भी कभी मुख्यमंत्री थे, वो जानते हैं भगदड़ एक साजिश का हिस्सा भी है, इसलिए मोदी भगदड़ के कोई नंबर नहीं काटेंगे, क्योंकि योगी ने उसके बाद जैसे हालात को कंट्रोल किया, वो इनके प्रशासनिक अंदाज को दिखाता है. इसलिए मोदी भी 10 में से 10 नंबर योगी को देंगे.
अब बारी है जनता की, जनता ने महाकुंभ पर योगी आदित्यनाथ को कितने नंबर दिए, ये जनता खुद तय करे. और अखिलेश यादव का यहां जिक्र नहीं क्योंकि ऐसा महाकुंभ तो 144 साल बाद ही आएगा.