महाकुंभ शुरू होने से पहले ही ये क्या हो गया, एटीएस कमांडो ने एक बस को चारों तरफ से क्यों घेर लिया, तस्वीरें प्रयागराज के उस जगह की हैं, जहां 40-45 करोड़ लोग पहुंचने वाले हैं और संगम में नाव कैसे डूबने लगी. इसकी इनसाइड स्टोरी सुनकर आप भी ताली बजाएंगे, पर उससे पहले ये पोस्टर देखिए, कैसे महाकुंभ में लगे एक पोस्टर ने कैसे रातों-रात हवा बदल दी. समूचे यूपी में मौलानाओं को चिढ़ होने लगी और उसके बाद कमांडो ने जैसे मोर्चा संभाला कई तरह की चर्चाएं छिड़ गई. पहले मुस्लिमों को महाकुंभ में दुकान नहीं मिलने की ख़बरें सामने आने और अब वक्फ की बात क्या इशारा करता है. इसे समझने के लिए प्रयागराज से आई ये तस्वीर देखिए. जहां पोस्टर लगा है.

वक्फ के नाम पर संपत्ति की लूट है, धर्मनिरपेक्ष देश में ये कैसी छूट है. जिसे देखते ही कई मौलाना भड़क उठे. मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने तो चेतावनी भरे लहजे में ये तक कह दिया कि साधू-संतों को इससे दूर रहना चाहिए. महाकुंभ में गए हैं तो वहां अपना काम करें, वक्फ में दखल न दें. इससे पहले डरेंगे तो मरेंगे पोस्टर बी महाकुंभ मे लगा था, जिस पर भारी हंगामा मचा. हालांकि इधर जब पोस्टर वार चल रहा था, उधर महाकुंभ में मोर्चा संभालने खुद डीजीपी प्रशांत कुमार पहुंच चुके थे. प्रयागराज पहुंचते ही संगम के बीचों-बीच नाव से जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
उसी दौरान एक नाव डूबने लगी तो उसे एनडीआरएफ और पुलिस बल के जवानों ने बड़ी ही मुस्तैदी से बचाया, उसके बाद एक बस का वीडियो सामने आया, जिसे एटीएस कमांडो पहले चारों ओर से घेरते हैं, उसके बाद बस पर खिड़कियों के सहारे चढ़कर उसमें बैठे व्यक्ति को नीचे उतारते हैं और तसल्ली से उसकी चेकिंग करते हैं. तस्वीर देखने के बाद साफ समझ आता है एटीएस कमांडोज को कोई इनपुट मिला था कि बस में दुश्मन बैठा हो सकता है.

चूंकि एक दिन पहले एक रूसी नागरिक भी वहीं से पकड़ा गया था, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, तो वहीं पन्नू ने भी मेले के दौरान बड़ी वारदात की धमकी दी थी, जिसे देखते हुए वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी बराबर मॉक ड्रिल कर रहे हैं, ताकि संगम में डूबोनने की कोई साजिश रचे, पानी के नीचे छिपकर भीड़ को निशाना बनाने का प्लान बनाए या फिर वहां लावारिस गाड़ी खड़ी कर कुछ करने की सोचे, तो उससे पहले हमारे जवान उसे ढेर कर दें, डीजीपी प्रशांत कुमार इस मॉक ड्रिल के बाद साफ कहते हैं सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं हैं. पैरामिलिट्री और आर्मी सबकी मदद हम जरूरत पड़ने पर लेंगे.
आप ये जानकर दंग रह जाएंगे कि पहली बार महाकुंभ में अंडर वाटर ड्रोन लगाए गए हैं, जिसकी मदद से पानी के अंदर होने वाले हर हलचल पर नजर रखी जाएगी, सीएम योगी ने साफ कहा है 40-45 करोड़ की भीड़ जहां होगी, वहां सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए, चूंकि योगी नाथ संप्रदाय के महंत भी हैं, और साधू-संतों को हर 12 साल में महाकुंभ का इंतजार रहता है.

इसलिए नाथ संप्रदाय का भी अखाड़ा वहां सजा है, जिसकी तस्वीर देखने के बाद हर कोई यही पूछ रहा है कि सीएम योगी महाकुंभ स्नान कब करेंगे, अपने साधू-संतों के साथ या फिर उद्घाटन वाले दिन. 13 जनवरी को शुरू हो रहे महाकुंभ में अब एक हफ्ते का वक्त बचा है, इसीलिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के साथ-साथ एसटीएफ हेड का पद संभाल रहे अमिताभ यश से लेकर डीजीपी प्रशांत कुमार खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. उनके साथ मेला क्षेत्र के एसएसपी राजेश द्विवेदी समेत कई बड़े पुलिस अधिकारी नजर आते हैं.