महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक हलकों में नए गठबंधनों की चर्चाएं जोरों पर हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच संभावित संपर्क की अफवाहें तेज हो गई हैं. हालांकि, इन सभी अटकलों पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को सख्त प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इन अफवाहों को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि भाजपा अब भी एकनाथ शिंदे द्वारा नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ मजबूती से खड़ी है और कोई संपर्क या पर्दे के पीछे की बातचीत नहीं हो रही है.
बिजनेस टुडे के एक कार्यक्रम में पियूष गोयल से पूछा गया था कि यदि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों में बहुमत से पिछड़ जाती है तो क्या पार्टी नए गठबंधन की दिशा में बढ़ेगी. इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "हम एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ खड़े हैं और हमारे पास उस शिवसेना गुट के साथ कोई संबंध नहीं है." उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शिंदे गुट के साथ ही चुनावी मैदान में उतरेगी, और यह गठबंधन बाल ठाकरे के सिद्धांतों का पालन करने वाला है.
गोयल ने यह भी कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी दल जैसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) मिलकर महाराष्ट्र के विकास के लिए एक मजबूत मोर्चा बना रहे हैं. उनके अनुसार, महाराष्ट्र के लोग अब तक जो अच्छे काम किए गए हैं, उसे जारी रखना चाहते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन से जुड़ी सरकार चाहते हैं.
आगामी विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीनों बाद हो रहे हैं. जहां लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ने महायुति को हराया था, वहीं गोयल विधानसभा चुनावों को लेकर आशावादी हैं. उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनावों में वोटों का अंतर सिर्फ दो लाख था, और कुछ इलाकों में MVA ने अच्छा प्रदर्शन किया था. हालांकि, भाजपा को पिछले चुनावों में छोटे अंतर से 11 सीटों का नुकसान हुआ था."
पियूष गोयल ने महायुति के गठबंधन की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि सभी पार्टियां महाराष्ट्र के विकास के लिए एकजुट हैं और राज्य की इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, उद्योग और निवेश को बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होने वाले हैं और सभी प्रमुख दल अपनी चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.